द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.
गिरिडीह : सोमवार दोपहर गिरिडीह जिला कोर्ट परिसर में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब हत्या के एक आरोपी ने पुलिस की गिरफ्त से भाग निकलने की कोशिश कर दी।
हथकड़ी पहने हुए आरोपी को भागते देख कुछ पलों के लिए पुलिस भी सन्न रह गई, लेकिन आम लोगों की हिम्मत और फुर्ती ने एक बड़ी घटना को टाल दिया
हत्या के मामले में पेशी के लिए लाया गया था आरोपी.
जानकारी के अनुसार, धनवार थाना क्षेत्र के गरडीह गांव निवासी बच्चू सिंह (25 वर्ष) को पुलिस सोमवार को अदालत में पेश करने लाई थी।
बच्चू सिंह पर हाल ही में 55 वर्षीय रवींद्र सिंह की कुल्हाड़ी से हत्या करने का आरोप है।
पुलिस उसे पेशी के लिए कोर्ट परिसर में लेकर आई थी, तभी अचानक उसने मौका पाकर भागने की कोशिश की.
हथकड़ी लगी होने के बावजूद चकमा देकर भागा.
बताया गया कि जैसे ही पुलिसकर्मी उसे कोर्ट के गेट की ओर लेकर जा रहे थे,
बच्चू सिंह अचानक झटका देकर भागने लगा। हाथों में हथकड़ी लगी होने के बावजूद उसने तेज़ी से टॉवर चौक की ओर दौड़ लगा दी।अचानक हुए इस घटनाक्रम ने पुलिसकर्मियों के होश उड़ा दिए और कोर्ट परिसर में अफरा-तफरी मच गई।
राहगीर और वकील कुछ समझ पाते, उससे पहले ही आरोपी सड़क की ओर निकल गया।
आम लोगों ने दिखाई बहादुरी, अम्बेडकर चौक के पास पकड़ा गया.
लेकिन भागते आरोपी की किस्मत ज़्यादा देर साथ नहीं दे सकी। अम्बेडकर चौक के पास पंच मंदिर के समीप मौजूद दुकानदारों और राहगीरों ने उसे रोकने का साहस दिखाया।
लोगों ने मिलकर आरोपी को घेर लिया और हथकड़ी में ही उसे पकड़ लिया।
सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची और बच्चू सिंह को फिर से अपनी हिरासत में ले लिया।
लोगों की सतर्कता से बची बड़ी घटना.
स्थानीय लोगों की सूझबूझ और त्वरित प्रतिक्रिया से पुलिस को बड़ी राहत मिली।
यदि आरोपी भागने में सफल हो जाता, तो यह गिरिडीह पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन सकता था।
घटना के बाद पूरे क्षेत्र में लोगों की बहादुरी और सजगता की सराहना की जा रही है
पुलिस पर उठे सवाल, जांच शुरू
घटना के बाद पुलिस विभाग भी सवालों के घेरे में आ गया है।
कोर्ट जैसी संवेदनशील जगह पर हथकड़ी पहने आरोपी का भाग निकलना,
सुरक्षा व्यवस्था की कमजोरी और लापरवाही दोनों को उजागर करता है।
एसपी कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार,
इस पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों की भूमिका की भी समीक्षा की जा रही है।
गिरिडीह के नागरिकों ने दिया मिसाल.
इस घटना ने यह साबित कर दिया कि संकट की घड़ी में गिरिडीह के लोग
कानून-व्यवस्था की रक्षा के लिए आगे आने से नहीं हिचकते।
जहां एक ओर पुलिस की चूक सामने आई,वहीं आम नागरिकों की सूझबूझ और साहस ने न केवल आरोपी को भागने से रोका, बल्कि एक संभावित बड़ी घटना को भी टाल दिया।







