परवेज़ आलम.
The News Post4u.
राजधानी रांची में बहुप्रतीक्षित ताज होटल के निर्माण का रास्ता अब पूरी तरह साफ हो चुका है। झारखंड सरकार के नगर विकास विभाग ने इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड (IHCL) — जो टाटा समूह की एक प्रमुख इकाई है — को धुर्वा स्थित स्मार्ट सिटी के कोर कैपिटल क्षेत्र में 6 एकड़ जमीन 60 वर्षों की लीज पर दे दी है। इस प्रक्रिया के तहत राज्य सरकार को स्टांप ड्यूटी और अन्य शुल्क के रूप में लगभग 4.20 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है।
लीज प्रक्रिया संपन्न, नवंबर 2025 में संभावित शिलान्यास.
लीज से संबंधित सारी औपचारिकताएं रजिस्ट्री कार्यालय में पूरी की गईं। इस अवसर पर नगर विकास विभाग के संयुक्त सचिव ज्ञानेंद्र कुमार और IHCL के उपाध्यक्ष की उपस्थिति में अनुबंध पर हस्ताक्षर किए गए। ताज होटल के निर्माण का शिलान्यास नवंबर 2025 में प्रस्तावित है और निर्माण कार्य को चार वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
400 करोड़ रुपये की लागत, 200 कमरे और अत्याधुनिक सुविधाएं.
करीब 400 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह प्रोजेक्ट रांची के आतिथ्य उद्योग में एक मील का पत्थर साबित होगा। प्रस्तावित भवन की ऊंचाई लगभग 27 मीटर होगी और यह 40 प्रतिशत भू-आवरण (ground coverage) में निर्मित किया जाएगा।
होटल में लगभग 200 कमरे, एक भव्य बैन्क्वेट हॉल, वेलनेस सेंटर, स्विमिंग पूल, और सज्जित गार्डन जैसी विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
रोजगार और आर्थिक विकास को मिलेगा बढ़ावा.
सरकारी आकलनों के अनुसार, इस परियोजना से रांची और आसपास के क्षेत्र में लगभग 1000 लोगों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। इससे न सिर्फ क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि राज्य के पर्यटन और व्यवसायिक परिदृश्य को भी नई दिशा मिलेगी।
पहले से हो चुका है एमओयू.
गौरतलब है कि 24 जुलाई 2024 को इस परियोजना को लेकर झारखंड सरकार और इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड (IHCL) के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए थे। उस मौके पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और टाटा स्टील के सीईओ एवं एमडी टी.वी. नरेंद्रन भी उपस्थित थे।
यह परियोजना रांची की स्मार्ट सिटी पहल को मजबूती देने के साथ-साथ झारखंड को अंतरराष्ट्रीय स्तर की पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी सेवाओं से जोड़ने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। ताज होटल के आगमन से राजधानी रांची को एक नई पहचान मिलने की उम्मीद है।







