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डीसी ने नवोदय विद्यालय का किया निरीक्षण, शिक्षा व्यवस्था व छात्रों की सुविधाओं का लिया जायजा

The News Post4u.

गिरिडीह: उपायुक्त रामनिवास यादव ने गांडेय प्रखंड स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय का आज औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विद्यालय की संपूर्ण शैक्षणिक और भौतिक व्यवस्था का गहन अवलोकन किया और छात्रों की शिक्षा, सुविधाएं, उपस्थिति और भोजन व्यवस्था की बारीकी से समीक्षा की।

शिक्षा की गुणवत्ता और छात्रों से संवाद.

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने कक्षाओं में जाकर छात्रों से उनकी पढ़ाई, परीक्षा की तैयारी और सीखने में आ रही चुनौतियों को लेकर संवाद किया। उन्होंने शिक्षकों से भी शिक्षा के स्तर को और बेहतर बनाने के उपायों पर चर्चा की। उपायुक्त ने यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ समुचित मार्गदर्शन भी मिले।

मूलभूत सुविधाओं पर विशेष ध्यान.

उपायुक्त ने विद्यालय परिसर में उपलब्ध पेयजल व्यवस्था, शौचालयों की स्थिति, स्वच्छता, रसोईघर (किचन शेड), और भोजन की गुणवत्ता का निरीक्षण किया। उन्होंने बच्चों को मिलने वाले भोजन को स्वयं परखा और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देते हुए कहा कि पोषणयुक्त भोजन छात्रों के स्वास्थ्य के लिए अत्यंत जरूरी है।

अभिलेखों की जांच और उपस्थिति पर नजर.

निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त ने विद्यालय में रखे उपस्थिति पंजी, सामग्री पंजी, स्टॉक रजिस्टर और अन्य महत्वपूर्ण अभिलेखों की जांच की। उन्होंने कहा कि सभी अभिलेख अद्यतन और पारदर्शी तरीके से संधारित होने चाहिए, जिससे प्रशासनिक निगरानी में किसी प्रकार की बाधा न हो।

शिक्षा को बताया देश के भविष्य की नींव.

उपायुक्त रामनिवास यादव ने विद्यालय के शिक्षकों से कहा कि छात्रों का मानसिक, बौद्धिक और नैतिक विकास सुनिश्चित करना सिर्फ स्कूल की नहीं, बल्कि पूरे समाज, अभिभावकों और प्रशासन की भी सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा, “शिक्षा ही वह मजबूत आधार है जिस पर राज्य और देश का भविष्य टिका है। इसलिए हर छात्र तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाना हमारा कर्तव्य है।”

अधिकारियों की उपस्थिति.

निरीक्षण के दौरान जिला शिक्षा पदाधिकारी, गोपनीय प्रभारी और अन्य संबंधित अधिकारी भी उपायुक्त के साथ मौजूद रहे। सभी को विद्यालय की आवश्यकताओं और सुधार की संभावनाओं पर मिलकर कार्य करने के निर्देश दिए गए। यह निरीक्षण न सिर्फ विद्यालय के संचालन की निगरानी का हिस्सा था, बल्कि छात्रों के संपूर्ण विकास के लिए प्रशासन की प्रतिबद्धता का भी प्रतीक है।

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