माले को मंत्री पद का प्रस्ताव नहीं, सरकार को समर्थन जारी रहेगा: दीपंकर भट्टाचार्य

रांची। भाकपा (माले) के राष्ट्रीय महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य ने झारखंड में सरकार से मंत्री पद को लेकर कोई प्रस्ताव मिलने की बात से इनकार किया है। उन्होंने कहा, “हमारे पास सदन में सिर्फ दो विधायक हैं। ऐसे में हम सरकार पर दबाव बनाने के बजाय हर कदम पर उसका समर्थन करेंगे।”

सात गारंटी पर फोकस और समन्वय समिति की मांग
भट्टाचार्य ने मीडिया से बातचीत में कहा कि इंडिया ब्लॉक ने जनता से सात गारंटी का वादा किया है, जिसे पूरा करने के लिए एक समन्वय समिति बननी चाहिए। उन्होंने यह भी जोड़ा कि अगर चुनाव में भाकपा (माले) को अधिक सीटें दी जातीं, तो नतीजे और बेहतर हो सकते थे।

झारखंड का जनादेश देश के लिए संदेश
दीपंकर भट्टाचार्य ने झारखंड के जनादेश को पूरे देश के लिए प्रेरणा बताया। उन्होंने कहा, “चुनाव के दौरान मैंने ऐसा जहरीला माहौल कभी नहीं देखा था, लेकिन झारखंड की जनता ने एकजुट होकर ऐसी ताकतों को करारा जवाब दिया। केंद्र सरकार को इस जनादेश का सम्मान करना चाहिए और झारखंड को अस्थिर करने की कोशिशें बंद करनी चाहिए।”

बगोदर की हार का दुख, लेकिन संघर्ष जारी
भट्टाचार्य ने स्वीकार किया कि धनबाद की दो सीटें जीतने के बावजूद उनकी पार्टी बगोदर में हार गई। उन्होंने कहा, “हमारे दो विधायक सदन के अंदर और बाहर झारखंड की जनता के मुद्दे उठाते रहेंगे।”

भाजपा की विचारधारा को हराना प्राथमिकता
भट्टाचार्य ने जोर देकर कहा कि उनकी पार्टी भाजपा की विचारधारा को हराने पर फोकस करेगी और झारखंड में पार्टी के संगठन का विस्तार किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 2025 में महेंद्र सिंह की 20वीं बरसी और झारखंड के 25वें साल को एक बड़े अवसर के रूप में लिया जाएगा।

संविधान के आदर्शों को लेकर देशव्यापी मार्च
26 नवंबर से 26 जनवरी तक भाकपा (माले) संविधान के आदर्शों को लेकर देशभर में मार्च आयोजित करेगी। भट्टाचार्य ने कहा, “देश में सांप्रदायिक ताकतों के जरिए लोकतंत्र को पीछे ले जाने की कोशिश हो रही है। लोगों को ऐसे झांसे में नहीं आना चाहिए।”

अडानी पर निशाना, झारखंड में ‘अडानी राज’ का आरोप
भट्टाचार्य ने भाजपा पर झारखंड में अडानी राज थोपने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “अमेरिका में अडानी समूह के खिलाफ कार्रवाई हो रही है, लेकिन भारत में कोई कदम नहीं उठाया जा रहा। इसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है। बिजली के दाम बढ़ रहे हैं और अडानी समूह के शेयर गिरने से छोटे निवेशक सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।”           भट्टाचार्य ने कहा कि उनकी पार्टी झारखंड में सक्रिय भूमिका निभाएगी और राज्य की जनता के लिए संघर्ष करती रहेगी। उन्होंने झारखंड को देश की राजनीति में एक महत्वपूर्ण संदेश देने वाला राज्य करार दिया।

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