घोड़थम्भा : हिंसक झड़प के बाद अब स्थिति पूरी तरह सामान्य

झारखंड के गिरिडीह जिले के घोड़थम्भा में होली  के दिन हुई हिंसक झड़प  के बाद अब स्थिति पूरी तरह  सामान्य है  । इलाके मे  पुलिस का कडा पहरा है ।  गिरिडीह एसपी डॉ. विमल कुमार खुद मौके पर मौजूद रह कर  माहौल को पुरसकुन बनाने मे लगे है ।  एसपी ने बताया कि पुलिस घटना को अंजाम देने वाले उपद्रवियों की पहचान कर रही है और उन्हें जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा । उपद्रवियों की पहचान  के लिए सीसीटीवी फुटेज को खंगाला जा रहा है । इलाके मे पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है। पुलिस-प्रशासन की ओर से काफी मशक्कत के बाद स्थिति को नियंत्रण में किया जा सका। इस दौरान एसपी ने कहा कि किसी भी सूरत में शांति भंग करने वाले लोगों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा स्थिति पूरी पुलिस प्रशासन के काबू में है। उन्होंने लोगों से अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की है। इधर डीडीसी स्मिता कुमारी ने बताया कि कुछ अज्ञात लोगों ने व्यवस्था ख़राब करने करने की कोशिश की थी, लेकिन अब सब कुछ सामान्य है। उन्होंने कहा, “कुछ दुकानों को जलाया गया है. कुछ बाइक और वाहनों में भी आग लगाई गई है. इसके पीछे जो भी वजह है, उसकी जांच की जा रही है.।

गौरतलब है  कि होली के दिन दो पक्षों के  बीच गिरिडीह के घोड़थम्भा में विवाद ने हिंसक रूप ले लिया था  जिसके बाद पथराव और आगजनी की घटनाएं सामने आईं। उपद्रवियों ने दुकानों और वाहनों में आग लगा दी, जिससे क्षेत्र में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई थी

घटना की जानकारी मिलते ही गिरिडीह एसपी डॉ. विमल कुमार के नेतृत्व में खोरीमहुआ एसडीपीओ राजेंद्र प्रसाद सहित कई पुलिस थानों की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद हालात पर काबू पाया और उपद्रवियों को खदेड़ा। पूरे इलाके में भारी पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है और अन्य थाना क्षेत्रों को भी अलर्ट किया गया है।

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, यह विवाद होली के जुलूस के दौरान भड़का। जुलूस में डीजे  बजाने को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी हुई, जो जल्द ही हिंसक झड़प में बदल गई। इसके बाद उपद्रवियों ने पथराव किया और दुकानों एवं वाहनों को आग के हवाले कर दिया।

इस घटना पर सियासी बयानबाजी भी शुरू हो गई है। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने प्रशासन और सरकार को विफल करार देते हुए कहा कि त्योहारों के दौरान हिंसा एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा है। उन्होंने राज्य सरकार पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया।

इधर जेएमएम के वरिष्ठ नेता इरशाद अहमद वारिस ने कहा कि कुछ शरारती तत्व हेमंत सरकार को  बदनाम करने के लिए पर्व की  आड़ ले कर माहौल खराब करने का प्रयास करते  है । उन्होने कहा कि हेमन्त 02 की सरकार ऐसे तत्वों से निबटना जानती है । उन्होने  पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच  की मांग करते हुये कहा कि दोषी बक्से न जाएं पर निर्दोष पर झूठे मुकदमे नही हो, पुलिस प्रशासन को यह सुनिश्चित करना चाहिए ।

 

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