Edited by: परवेज़ आलम
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गिरिडीह/सिकंदराबाद/हैदराबाद:
मानवता को झकझोर देने और दिल दहला देने वाली घटना में झारखंड के गिरिडीह निवासी अशोक यादव की हैदराबाद के पास सुनसान इलाके में बेरहमी से हत्या कर दी गई। इस हत्याकांड को किसी और ने नहीं बल्कि उसकी पत्नी और दो बेटों ने मिलकर अंजाम दिया। तेलंगाना पुलिस ने इस मामले में मृतक की पत्नी क्रांति देवी, बेटों राजेंद्र यादव और राजेश यादव के अलावा एक जूस दुकान के कर्मचारी को गिरफ्तार कर लिया है।
हत्या के पीछे पारिवारिक विवाद और अवैध संबंधों का संदेह.
मृतक अशोक यादव, झारखंड के गिरिडीह जिले के घोड़थम्बा ओपी क्षेत्र के पड़रिया गांव का रहने वाला था। वह लंबे समय से तेलंगाना के सिकंदराबाद के काजिगुड़ा इलाके में जूस की दुकान चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। परिजनों के मुताबिक, अशोक की शादी क्रांति देवी से हुई थी, लेकिन शुरू से ही उनके वैवाहिक संबंध तनावपूर्ण रहे। हालांकि, उनके दो बेटे और एक बेटी हुए। बेटी की शादी कर दी गई थी, और दोनों बेटों को अशोक ने अपनी दुकान का जिम्मा सौंप दिया था। 
भाई पिंटू यादव ने बताया कि अशोक को अपनी पत्नी क्रांति देवी के किसी अन्य व्यक्ति के साथ अवैध संबंधों का शक था। इसी को लेकर पति-पत्नी के बीच अक्सर झगड़े होते रहते थे। कई बार गांव में इस मुद्दे पर पंचायत भी हुई, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं आया। आरोप है कि क्रांति देवी ने अपने बेटों को पिता के खिलाफ भड़काया और उनके साथ मिलकर पति की हत्या की साजिश रच डाली।
हत्या की रात्रि और निर्मम वारदात.
मंगलवार की देर रात, अशोक यादव जब होटल में खाना खाकर घर लौटा और सोने चला गया, तभी उस पर जानलेवा हमला किया गया। पहले उसके सिर पर लोहे के काता (लोहे की छड़) से वार किया गया, जिससे वह बुरी तरह घायल हो गया। फिर क्रांति देवी और दोनों बेटों ने मिलकर गन्ना छीलने वाले धारदार हसुआ से उसके सिर, जबड़े और गर्दन पर वार कर बेरहमी से उसकी हत्या कर दी।
हत्या के बाद शव को एक अज्ञात वाहन से 40 किलोमीटर दूर हैदराबाद के कुतापेठ-नागोल इलाके में एक सुनसान जगह ले जाकर फेंक दिया गया, ताकि पहचान न हो सके।

शव की पहचान और गिरफ्तारी.
घटना की सूचना तब मिली जब एक राहगीर ने कुतापेठ-नागोल इलाके में लावारिस शव पड़ा देखा और इसकी सूचना नागोल पुलिस स्टेशन को दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पहचान की प्रक्रिया शुरू की। बाद में अशोक यादव की पहचान होने के बाद, परिजनों को सूचना दी गई।
अशोक के भाई पिंटू यादव द्वारा दर्ज कराए गए बयान और आवेदन के आधार पर पुलिस ने फौरन कार्रवाई करते हुए पत्नी, दोनों बेटों और जूस दुकान के कर्मचारी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
गांव में पसरा मातम, शव का अंतिम संस्कार.
पोस्टमार्टम के बाद अशोक यादव का शव उनके पैतृक गांव गिरिडीह के पड़रिया भेजा गया, जहां परिवार और ग्रामीणों ने नम आंखों से उनका अंतिम संस्कार किया। पूरे गांव में घटना को लेकर शोक और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि पारिवारिक कलह इस हद तक पहुंच जाएगी, किसी ने सोचा नहीं था।
यह घटना सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि उस सामाजिक विघटन की तस्वीर है, जिसमें परिवार का विश्वास, संवाद और समझदारी खत्म हो चुकी है। जब घर के अपने ही खून के प्यासे बन जाएं, तो यह केवल एक अपराध नहीं बल्कि समाज के लिए एक चेतावनी बन जाती है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की आगे की जांच जारी है।







