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झारखंड के माइका उद्योग को नई उड़ान देने की तैयारी, दिल्ली में होगी बड़ी बैठक

परवेज़ आलम.

द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

नई दिल्ली/गिरिडीह: झारखंड के बहुचर्चित माइका उद्योग को पुनर्जीवित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सामने आई है। कोडरमा सांसद एवं केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने इस मुद्दे को गंभीरता से उठाते हुए केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी से नई दिल्ली में मुलाकात की। इस उच्चस्तरीय बैठक में संबंधित मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारियों की भी मौजूदगी रही, जिससे इस पहल की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।

बैठक के दौरान कोडरमा और गिरिडीह के माइका बेल्ट की मौजूदा स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई। खासतौर पर माइका खनन से जुड़े श्रमिकों की समस्याएं, उद्योग में पारदर्शिता की कमी, रोजगार के सीमित अवसर और माइका एसोसिएशन व वर्कर संगठनों की लंबित मांगों पर फोकस किया गया।

दोनों केंद्रीय मंत्रियों ने इस बात पर सहमति जताई कि माइका उद्योग को नई दिशा देने के लिए सभी हितधारकों—उद्योग प्रतिनिधियों, श्रमिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों—को एक मंच पर लाना जरूरी है। इसी कड़ी में जल्द ही नई दिल्ली में एक व्यापक बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया गया है, जहां ठोस और दीर्घकालिक समाधान पर विचार किया जाएगा।

केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि माइका खनन को पारदर्शी, सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा। साथ ही श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा, रोजगार के अवसरों में वृद्धि और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर विशेष जोर रहेगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल झारखंड के माइका बेल्ट—खासकर गिरिडीह और कोडरमा—के लिए गेमचेंजर साबित हो सकती है। इससे न केवल उद्योग को नई रफ्तार मिलेगी, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते भी खुलेंगे।

इस पहल का स्वागत करते हुए भाजपा महानगर कोषाध्यक्ष मुकेश जालान ने कहा कि “यह कदम माइका उद्योग के पुनरुत्थान की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकता है। वर्षों से चली आ रही समस्याओं के समाधान की उम्मीद जगी है। केंद्र सरकार के प्रयासों से न केवल उद्योग मजबूत होगा, बल्कि हजारों श्रमिक परिवारों का भविष्य भी सुरक्षित होगा।”

उन्होंने विश्वास जताया कि प्रस्तावित दिल्ली बैठक से ठोस परिणाम सामने आएंगे और गिरिडीह–कोडरमा क्षेत्र के समग्र विकास को नई गति मिलेगी।

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