रघुवर दास ने कहा- सरकार की मानसिक दिवालियापन की निशानी.
The News Post4u.
झारखंड में अटल क्लिनिक का नाम बदलकर “मदर टेरेसा एडवांस हेल्थ क्लिनिक” रखने के फैसले के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने जमकर विरोध जताया है। शुक्रवार को राज्य के कई जिलों में भाजपा कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया।
पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने इस मुद्दे पर राज्य सरकार पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा, “अटल बिहारी वाजपेयी जी जैसे महान नेता के नाम पर शुरू की गई स्वास्थ्य योजना का नाम बदलना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और सरकार की गिरती मानसिकता को दिखाता है। सरकार ओछी राजनीति कर रही है।”
रघुवर दास ने कहा कि वे मदर टेरेसा का सम्मान करते हैं, लेकिन कुछ संस्थाओं के जरिए उनके नाम पर जो काम हुए, वह देश जानता है। उन्होंने आरोप लगाया कि “निर्मल हृदय” संस्था पर नवजात बच्चों की बिक्री जैसे गंभीर आरोप लगे थे। ऐसे में लोगों के मन में सवाल है कि क्या यह नाम परिवर्तन धर्मांतरण की चल रही गतिविधियों से जुड़ा हुआ कदम तो नहीं है?
उन्होंने आगे कहा कि “यह फैसला अटल जी जैसे राष्ट्र निर्माता को जनता की स्मृति से मिटाने की एक साजिश लगती है। न तो आदिवासी समाज और न ही आम जनता इसे स्वीकार करेगी।”
पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी सुझाव दिया कि अगर सरकार मदर टेरेसा के नाम पर योजना शुरू करना चाहती थी, तो वह नई योजना लेकर आती। उन्होंने कहा, “पुरानी योजनाओं का नाम बदलकर अपनी नाकामी छुपाने का काम हो रहा है। सरकार स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे गंभीर मुद्दों पर कुछ नया करने में असफल रही है।”
रघुवर दास ने याद दिलाया कि “16 अगस्त 2019 को अटल जी की पुण्यतिथि पर गरीबों को सस्ती और अच्छी स्वास्थ्य सेवा देने के लिए अटल क्लिनिक की शुरुआत की गई थी।” उन्होंने सरकार से मांग की कि “वह अटल क्लिनिक का नाम वापस बहाल करे और इस तरह के राजनीतिक निर्णयों से बचे।”







