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  • गिरिडीह में डीटीओ का सघन वाहन जांच अभियान, नियम तोड़ने वालों को कड़ी चेतावनी

    गिरिडीह/पचंबा: जिला परिवहन पदाधिकारी (डीटीओ) संतोष कुमार ने सोमवार को पचंबा थाना के पास दोपहिया, तीनपहिया और चारपहिया वाहनों के खिलाफ सघन जांच अभियान चलाया। इस दौरान उन्होंने स्वयं मौके पर खड़े होकर वाहनों के परमिट और अन्य आवश्यक दस्तावेजों की जांच की।

    अंडरएज और नियम तोड़ने वाले चालक पकड़े गए
    जांच के क्रम में कई वाहन चालक नियम तोड़ते हुए पकड़े गए—

    • अंडरएज वाहन चालक
    • बिना हेलमेट चलने वाले चालक
    • ट्रिपल राइडिंग करने वाले
    • बिना लाइसेंस वाहन चलाने वाले

    डीटीओ ने सभी को मौके पर कड़ी चेतावनी देकर छोड़ दिया, लेकिन साफ शब्दों में कहा कि अगली बार नियमों का उल्लंघन करने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    सड़क सुरक्षा पर सख्त हिदायत.
    संतोष कुमार ने सभी चालकों को सड़क सुरक्षा नियमों का पालन अनिवार्य रूप से करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि हेलमेट पहनना, सीट बेल्ट लगाना, निर्धारित गति सीमा में चलना और वैध दस्तावेज रखना न केवल कानूनी जिम्मेदारी है, बल्कि जीवन की सुरक्षा के लिए भी आवश्यक है।

    वाहन शोरूम का निरीक्षण भी किया.
    इससे पूर्व डीटीओ ने गिरिडीह के विभिन्न वाहन शोरूमों का निरीक्षण किया। उन्होंने बोड़ो स्थित पैगजियो शिव कमर्शियल और बिशनपुर स्थित महिंद्रा शोरूम का दौरा किया, जहां उन्होंने ट्रेड लाइसेंस और अन्य आवश्यक कागजातों की जांच की।

    डीटीओ ने कहा कि विभाग का उद्देश्य लोगों को परेशान करना नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा और यातायात अनुशासन सुनिश्चित करना है।

  • सलूजा गोल्ड इंटरनेशनल स्कूल में कबड्डी का महाकुंभ शुरू

    झारखंड-बिहार से 50 से अधिक टीमें पहुंचीं.

    The News Post4u.

    गिरिडीह: खेल भावना, सांस्कृतिक एकता और युवाओं के उत्साह से भरे माहौल में सोमवार से सलूजा गोल्ड इंटरनेशनल स्कूल में कबड्डी का महाकुंभ शुरू हो गया। झारखंड और बिहार के विभिन्न जिलों से आई 50 से अधिक विद्यालयी टीमें अपने-अपने स्कूल के झंडों के साथ जब मैदान में उतरीं तो दृश्य बेहद मनमोहक हो गया। रंग-बिरंगी ड्रेस में सजे छात्र-छात्राओं ने मैदान पर ‘विविधता में एकता’ की भावना को जीवंत कर दिया।

    भव्य उद्घाटन.
    प्रतियोगिता का शुभारंभ सोमवार सुबह 10 बजे दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। उद्घाटन समारोह में शामिल प्रमुख अतिथियों में स्कॉलर बी.एड कॉलेज की प्राचार्या शालिनी कवला, लोजपा के प्रदेश अध्यक्ष राज कुमार राज ,डी.एल.एड स्कॉलर बी.एड कॉलेज की प्रमुख हरदीप कौर, बीएनएस डीएवी के प्राचार्य सचिन गर्ग, सीसीएल डीएवी के प्राचार्य ओ.पी. गोयल, ऑब्जर्वर गोविंद झा, योगेश पांडेय, तकनीकी सदस्य प्रसाद महतो, विद्यालय के प्रबंध निदेशक जोरावर सिंह सलूजा, निदेशक रमनप्रीत कौर सलूजा, प्राचार्या ममता शर्मा, उप प्राचार्य सूरज कुमार लाला, सीनियर एडमिनिस्ट्रेटर रूपा मुद्रा, स्पोर्ट्स पर्सन धनंजय राय, घनश्याम रजक और अजय सिंह शामिल रहे।

    उद्देश्य और महत्व।
    उद्घाटन के बाद विद्यालय के प्रबंध निदेशक जोरावर सिंह सलूजा ने कहा—

    “यह कबड्डी खेलकूद प्रतियोगिता केवल खेल प्रतिभाओं को निखारने का अवसर नहीं है, बल्कि यह सांस्कृतिक समागम और सामाजिक एकता का प्रतीक भी है। सीबीएसई बोर्ड द्वारा लगातार कई वर्षों से सलूजा गोल्ड इंटरनेशनल स्कूल को इस प्रतियोगिता के आयोजन का अवसर मिलना हमारे प्रबंधन और तैयारियों की गुणवत्ता का प्रमाण है।”

    उन्होंने बताया कि सभी आने वाली टीमों के लिए आवास, भोजन और खेल संबंधी आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है, और विद्यालय की पूरी टीम इस आयोजन को सफल बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

    प्रतियोगिता का आगाज रोमांचक मुकाबलों से
    प्रतियोगिता का पहला मुकाबला अंडर-17 बालक वर्ग में दून ग्लोबल और साउथ पॉइंट बुंडू के बीच खेला गया। इसके बाद प्रतिभा पलवान स्कूल और लेडी के.सी. रॉय स्कूल के बीच दूसरा मैच हुआ, जिसमें खिलाड़ियों ने जोरदार खेल दिखाकर दर्शकों का मन मोह लिया।

  • गरीबी के कारण शव नहीं ला सके, पुतला बनाकर अंतिम संस्कार

    राष्ट्रीय यादव सेना का प्रतिनिधिमंडल मृत प्रवासी मजदूर के परिवार को किया  आर्थिक सहयोग

    The News Post4u.

    गिरिडीह/जमुआ: जमुआ प्रखंड के प्रतापपुर पंचायत में रहने वाले प्रवासी मजदूर सीताराम यादव की मौत हाल ही में उत्तर प्रदेश के आगरा में हो गई थी। आर्थिक तंगी के कारण परिवार उनका शव गांव नहीं ला सका और मजबूरी में पुतला बनाकर अंतिम संस्कार करना पड़ा। यह संवेदनशील मामला राष्ट्रीय यादव सेना के संज्ञान में आते ही संगठन का एक प्रतिनिधिमंडल सोमवार को गांव पहुंचा और मृतक के परिजनों से मुलाकात की।

    परिजनों की समस्या सुनी, दी आर्थिक सहायता.
    प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व राष्ट्रीय यादव सेना के जिला अध्यक्ष धर्मेंद्र यादव ने किया। उन्होंने मृतक के परिवार से विस्तार से बातचीत की, उनकी समस्याओं को जाना और मौके पर आर्थिक सहयोग दिया। साथ ही स्थानीय मुखिया सुखदेव यादव से मृतक के परिवार को अंबेडकर आवास योजना के तहत घर उपलब्ध कराने का आग्रह किया।
    इसके अलावा, स्थानीय डीलर से तुरंत राशन उपलब्ध कराया गया। संगठन ने आश्वासन दिया कि मृतक की पत्नी के बैंक खाते में और भी आर्थिक मदद भेजी जाएगी और उन्हें सरकार की ओर से मिलने वाले सभी लाभ दिलाने में पूरा सहयोग किया जाएगा।

    संगठन ने दिया साथ का भरोसा.
    जिला सचिव इंद्रदेव यादव ने कहा कि ऐसे कठिन समय में राष्ट्रीय यादव सेना हमेशा अपने समाज के लोगों के साथ खड़ी रहती है। उन्होंने बताया कि फिलहाल संगठन की ओर से प्रारंभिक आर्थिक मदद और राशन दिया गया है, और आगे भी हर संभव सहायता जारी रहेगी।

    प्रतिनिधिमंडल में शामिल रहे.
    इस मौके पर जिला अध्यक्ष धर्मेंद्र यादव, जिला सचिव इंद्रदेव यादव, जमुआ प्रखंड संरक्षक एवं आजसू नेता शंकर यादव, प्रखंड अध्यक्ष ललन यादव, जिला उपाध्यक्ष रामजी यादव, प्रदीप यादव, रघुनंदन यादव, देवरी से प्रवीण यादव, पप्पू यादव, सुधीर यादव, स्थानीय मुखिया सुखदेव यादव, राजद किसान प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष गिरेंद्र यादव, आकाश कुमार, विकास कुमार, पीयूष कुमार समेत दर्जनों कार्यकर्ता और ग्रामीण मौजूद रहे।

  • झारखंड में होगा वोटरों का ‘स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन’ SIR

    गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे का बड़ा दावा.

    The News Post4u.

    देवघर/गोड्डा: गोड्डा के सांसद निशिकांत दुबे ने दावा किया कि बिहार की तर्ज पर अब झारखंड में भी चुनाव आयोग वोटरों का स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) करेगा। इस अभियान के तहत मतदाता सूची की व्यापक और विशेष समीक्षा की जाएगी, जिसमें दोहरे नाम, फर्जी वोट और मृत व्यक्तियों के नाम हटाए जाएंगे। श्री दुबे सोमवार को देवघर में मीडिया से मुखातिब थे ।

    श्री दुबे ने कहा कि अक्सर एक ही व्यक्ति का नाम तीन-चार जगह मतदाता सूची में दर्ज होता है। SIR के बाद ऐसी प्रवृत्ति पर रोक लगेगी और व्यक्ति को केवल उसी स्थान पर मतदान का अधिकार होगा, जहां वह वास्तविक रूप से निवास करता है। उन्होंने याद दिलाया कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने ही वोट देने की उम्र 18 वर्ष करने और एक मतदाता का नाम सिर्फ एक जगह रखने की व्यवस्था की थी, जिसे संसद ने मंजूरी दी थी।

    ‘बांग्लादेशियों से छीनेगा वोट डालने का अधिकार’
    सांसद ने दावा किया कि SIR लागू होने से झारखंड में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों के नाम मतदाता सूची से हटेंगे, जिससे उन्हें वोट डालने का अधिकार नहीं मिलेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि अतीत में कांग्रेस ने चुनाव आयोग का गलत इस्तेमाल किया है और अब विपक्ष राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर भी सस्ती राजनीति कर रहा है।

    राहुल गांधी पर निशाना.
    श्री दुबे ने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता पर सवाल खड़े करने वाली कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल राष्ट्रीय हितों से खिलवाड़ कर रहे हैं। उन्होंने राहुल गांधी पर चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाने का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें देश से माफी मांगनी चाहिए।

    क्या है SIR?
    स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (Special Intensive Revision) चुनाव आयोग की एक विशेष प्रक्रिया है, जिसके तहत—

    • मतदाता सूची को अपडेट किया जाता है
    • फर्जी और दोहरे नाम हटाए जाते हैं
    • मृत मतदाताओं के नाम सूची से बाहर किए जाते हैं
    • नए पात्र मतदाताओं के नाम जोड़े जाते हैं

    यह प्रक्रिया आमतौर पर विधानसभा या लोकसभा चुनाव से पहले की जाती है, ताकि चुनाव निष्पक्ष और पारदर्शी हों तथा फर्जी वोटिंग पर रोक लगाई जा सके।

  • BJP और जयराम महतो की पार्टी से चुनाव लड़ चुका सूर्या हांसदा एनकाउंटर में ढेर

    कई आपराधिक मामलों में था वांटेड.

    The News Post4u.

    रांची/गोड्डा:  झारखंड के गोड्डा जिले में सोमवार तड़के हुई पुलिस मुठभेड़ में पूर्व भाजपा प्रत्याशी और कुख्यात अपराधी सूर्या नारायण हांसदा उर्फ सूर्या हांसदा मारा गया। पुलिस के अनुसार, हांसदा के खिलाफ गोड्डा और साहिबगंज जिलों के विभिन्न थानों में कई संगीन मामले दर्ज थे, जिनमें आगजनी, हमले और अवैध हथियार रखने जैसे अपराध शामिल हैं।

    देवघर से गिरफ्तारी, जंगल में मुठभेड़ में मौत.
    दुमका के जोनल आईजी शैलेंद्र कुमार सिन्हा ने जानकारी दी कि गोड्डा पुलिस ने रविवार को सूर्या हांसदा को देवघर से गिरफ्तार किया था। पूछताछ में उसने अपने छुपाए हथियारों और साथियों के ठिकानों का खुलासा किया। इसी सुराग पर पुलिस दल उसे लालमटिया के घने वन क्षेत्र में लेकर पहुंचा।

    पुलिस का कहना है कि मौके पर हथियार बरामदगी के दौरान हांसदा ने पुलिसकर्मी का हथियार छीनकर भागने की कोशिश की। इसी बीच, उसके साथियों ने भी पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने गोली चलाई, जिसमें सूर्या हांसदा गंभीर रूप से घायल हो गया और उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

    राजनीतिक सफर: चार बार चुनावी किस्मत आजमाई, हर बार हार
    सूर्या हांसदा का नाम केवल अपराध जगत में ही नहीं, बल्कि राजनीति में भी चर्चा में रहा है। उसने चार बार विधानसभा चुनाव लड़े—

    • 2024: झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) से बोरियो सीट पर चुनाव लड़ा, मात्र 2,937 वोट मिले।
    • 2019: भाजपा प्रत्याशी के रूप में बोरियो से चुनाव लड़ा, 59,441 वोट लेकर दूसरे स्थान पर रहा। इस चुनाव में भाजपा ने पूर्व अध्यक्ष ताला मरांडी का टिकट काटकर हांसदा को मौका दिया था।
    • 2014 और 2009: झारखंड विकास मोर्चा (प्रजातांत्रिक) से इसी सीट से चुनाव लड़ा, लेकिन दोनों बार हार का सामना किया।

    गंभीर अपराधों में लिप्त.
    सूर्या हांसदा का आपराधिक रिकॉर्ड लंबा रहा है। सबसे चर्चित मामला 9 जनवरी 2020 का है, जब गोड्डा जिले के ठाकुरगंगटी थाना क्षेत्र के बहादुरचक के पास अडानी कंपनी की वाटर पाइपलाइन परियोजना में लगे वाहनों में आग लगा दी गई थी। जांच में सामने आया कि इस घटना की साजिश हांसदा ने रची थी।

    इसके अलावा, जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में उसके खिलाफ दर्जनों मुकदमे दर्ज थे। पुलिस के मुताबिक, हांसदा कई महीनों से फरार था और उस पर गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही थी।

  • गिरिडीह : भव्य तिरंगा यात्रा, पूरा शहर दिन भर देशभक्ति के रंग में रंगा रहा

    The News Post4u.

    गिरिडीह :  आज का दिन भर शहर गिरिडीह पूरी तरह देशभक्ति के रंग में रंगा रहा, जब शहर में एक भव्य तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया। यह यात्रा झंडा मैदान से जोरदार उत्साह के साथ प्रारंभ हुई और मकतपुर, कालीबाड़ी चौक होते हुए शहर के प्रमुख केंद्र बड़ा चौक पर जाकर संपन्न हुई।

    सुबह से ही झंडा मैदान पर लोगों का जमावड़ा लगना शुरू हो गया था। विभिन्न सामाजिक संगठनों, स्कूल-कॉलेजों के छात्र-छात्राओं, महिला समूहों, युवाओं और स्थानीय नागरिकों ने हाथों में तिरंगा थामकर इस यात्रा में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। शहर की गलियों और मुख्य सड़कों पर तिरंगे की शान लहराती रही, जबकि वातावरण “भारत माता की जय”, “वंदे मातरम्” और “जय हिंद” के गगनभेदी नारों से गूंजता रहा।

    यात्रा के दौरान जगह-जगह पर लोगों ने प्रतिभागियों का स्वागत किया और देशभक्ति के गीतों पर माहौल को और अधिक उत्साहपूर्ण बना दिया। मकतपुर और कालीबाड़ी चौक पर स्थानीय नागरिकों ने पुष्प वर्षा कर तिरंगा यात्रा का अभिनंदन किया।

    इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य ‘हर घर तिरंगा’ अभियान को गति देना और जन-जन में राष्ट्रीय गर्व व एकता की भावना को सशक्त बनाना था। आयोजकों ने कहा कि तिरंगा न सिर्फ हमारे देश का प्रतीक है, बल्कि यह हमारे स्वतंत्रता संग्राम, त्याग और बलिदान की गाथा को भी संजोए हुए है। उन्होंने अपील की कि आने वाले स्वतंत्रता दिवस पर हर घर, हर गली और हर मोहल्ला तिरंगे की शान से जगमगाए।

    यात्रा झंडा मैदान से टावर चौक जिला परिषद मकतपुर कालीबाड़ी मुस्लिम बाजार होते हुए बड़ा चौक पर समाप्त हुई l तिरंगा यात्रा का नेतृत्व बेजेपी जिला अध्यक्ष महादेव दुबे कर रहे थे। उनके साथ जमुआ की विधायक मंजू देवी, पूर्व विधायक लक्ष्मण स्वर्णकार, प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य सुरेश साव, सांसद प्रतिनिधि दिनेश यादव, प्रदेश मंत्री दिलीप वर्मा, मनोज साव, जिला महामंत्री संदीप डांगेच, महेंद्र वर्मा, श्याम कुमार, नवीन सिन्हा, संगीता सेठ, उषा कुमारी, हरविंदर सिंह बग्गा, अरविंद बर्नवाल, अजय सिंह, राजेश गुप्ता, प्रदीप राय, अमर सिन्हा, राजेश जायसवाल, सुभाष सिंह, रंजन सिन्हा, दीपक भारती, अजीत राणा, वीरेंद्र वर्मा, मनोज पांडे, संतोष पांडे, शालिनी बैसाखीयार समेत अनेक गणमान्य लोग मौजूद थे।

    यात्रा के समापन पर सभी पदाधिकारी, कार्यकर्ता और नागरिकों ने एक स्वर में यह संदेश दिया कि राष्ट्रीय ध्वज की गरिमा और देश की एकता सर्वोपरि है। इस अद्वितीय और ऐतिहासिक आयोजन ने गिरिडीह के हर नागरिक के दिल में देशभक्ति की लौ को और प्रज्वलित कर दिया, और पूरा शहर राष्ट्रीय गौरव की भावना से सराबोर हो गया।

     

  • समाज और सुरक्षा का सेतु बना रक्षाबंधन पर्व, महिला परिषद ने पुलिसकर्मियों को बांधी राखी

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    गिरिडीह: रक्षाबंधन के पावन अवसर पर इस बार एक विशेष सामाजिक संदेश के साथ पर्व को मनाया गया। अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद, राष्ट्रीय महिला परिषद और ओजस्विनी संस्था के संयुक्त तत्वावधान में गिरिडीह के मुफ्फसिल थाना और पचंबा थाना परिसर में पुलिस अधिकारियों और जवानों को राखी बांधकर उनके समर्पण और सेवा को सम्मानित किया गया।

    इस अवसर पर राष्ट्रीय महिला परिषद की अध्यक्ष पूनम सिन्हा ने कहा, “यह राखी केवल एक धागा नहीं, बल्कि समाज की ओर से प्रेम, सम्मान और विश्वास की डोर है। हम सभी ने पुलिसकर्मियों को राखी बांधकर उनके कर्तव्यनिष्ठा और सेवा के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया। बदले में उन्होंने भी हमें सुरक्षा देने और हमेशा साथ निभाने का वचन दिया।”

    उन्होंने कहा कि त्योहारों और पारिवारिक जीवन से दूर रहकर भी जो लोग समाज की सुरक्षा में लगे रहते हैं, उनका सम्मान करना हमारा नैतिक दायित्व है।

    कार्यक्रम के दौरान पचंबा थाना प्रभारी राजीव कुमार और मुफ्फसिल थाना प्रभारी श्याम किशोर महतो को भी राखी बांधकर अभिनंदन किया गया। दोनों अधिकारियों ने महिला परिषद की इस पहल की सराहना की और समाज के प्रति अपने कर्तव्यों को और अधिक ईमानदारी से निभाने का संकल्प दोहराया।

    यह अभिनव पहल न सिर्फ रक्षाबंधन के पर्व को सामाजिक सरोकार से जोड़ती है, बल्कि पुलिस और आमजन के बीच विश्वास और आत्मीयता की डोर को और मजबूत करती है।

  • ईडी के पूर्व अफसर कपिल राज ने जॉइन किया रिलायंस

    हेमंत सोरेन और केजरीवाल की गिरफ्तारी से जुड़े रहे चर्चित अधिकारी.

    The News Post4u.

    रांची/दिल्ली : झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी की जांच की निगरानी करने वाले प्रवर्तन निदेशालय (ED) के वरिष्ठ अधिकारी कपिल राज ने अब कॉर्पोरेट क्षेत्र की राह पकड़ ली है। भारतीय राजस्व सेवा (IRS) के 2009 बैच के अधिकारी और ईडी के पूर्व संयुक्त निदेशक कपिल राज ने रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) में नई जिम्मेदारी संभाल ली है।

    सरकारी सेवा से निजी क्षेत्र तक का सफर

    कपिल राज ने 16 वर्षों की सरकारी सेवा के बाद 17 जुलाई 2025 को व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए इस्तीफा दिया था। इस बाबत वित्त मंत्रालय द्वारा एक आधिकारिक आदेश जारी किया गया था। अब उन्होंने देश की अग्रणी कॉर्पोरेट कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज में अपनी नई पारी शुरू कर दी है।

    हाई-प्रोफाइल जांचों में रहा महत्वपूर्ण रोल

    ईडी में अपने आठ वर्षों के कार्यकाल में कपिल राज का नाम कई चर्चित और संवेदनशील मामलों से जुड़ा रहा। उन्होंने प्रवर्तन निदेशालय की हेडक्वार्टर इन्वेस्टिगेशन यूनिट (HIU) और रांची ज़ोन में रहते हुए कई हाई-प्रोफाइल मामलों की निगरानी की।

    इनमें सबसे प्रमुख रही दिल्ली शराब नीति घोटाला, जिसमें मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी हुई, और झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी से जुड़ा कथित ज़मीन घोटाला। इन दोनों ही मामलों की कार्रवाई में कपिल राज की अग्रणी भूमिका रही।

    इसके अलावा, मुंबई में उप निदेशक के तौर पर कार्यरत रहते हुए उन्होंने नीरव मोदी और मेहुल चोकसी जैसे भगोड़े हीरा कारोबारियों के वित्तीय घोटालों, डीएचएफएल घोटाले और अंडरवर्ल्ड से जुड़े इकबाल मिर्ची के मामलों की भी गंभीरता से जांच की।

    सहारनपुर से निकलकर ईडी के शीर्ष तक

    उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले से ताल्लुक रखने वाले कपिल राज ने लखनऊ से इलेक्ट्रॉनिक्स में बी.टेक की पढ़ाई की थी। मध्यमवर्गीय पृष्ठभूमि से आने वाले राज को एक जुझारू और जमीनी स्तर पर काम करने वाले अफसर के रूप में जाना जाता रहा है। पूछताछ के लिए प्रश्नावली तैयार करने से लेकर रेड की निगरानी तक, वे हर मोर्चे पर अपनी सक्रिय भूमिका निभाते रहे।

    रिलायंस में वरिष्ठ अधिकारियों की बढ़ती दिलचस्पी

    कपिल राज का रिलायंस इंडस्ट्रीज से जुड़ना यह संकेत देता है कि अब वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और जांच एजेंसियों में कार्यरत रहे अफसर कॉर्पोरेट सेक्टर में भी अपनी भूमिका तलाश रहे हैं।

    इससे पहले सीबीडीटी के पूर्व चेयरमैन के.वी. चौधरी, जो स्वयं IRS कैडर से थे, रिलायंस बोर्ड में स्वतंत्र निदेशक के तौर पर कार्यरत हैं। वहीं, प्रसिद्ध चार्टर्ड अकाउंटेंट दिनेश कनबर को भी हाल ही में रिलायंस इंडस्ट्रीज ने स्वतंत्र निदेशक नियुक्त किया है।

    नवाचार आधारित नेतृत्व की ओर कदम

    मुकेश अंबानी के नेतृत्व में रिलायंस इंडस्ट्रीज ऊर्जा, पेट्रोकेमिकल्स, रिटेल और टेलीकॉम जैसे विविध क्षेत्रों में कार्य कर रही है और ऐसे अनुभवी पेशेवरों को शामिल कर अपनी नवाचार-आधारित विकास रणनीति को और सशक्त कर रही है।

  • रोटरी क्लब ऑफ गिरिडीह ग्रेटर का JPP इंटरनेशनल स्कूल में दंत चिकित्सा शिविर

    300 से अधिक छात्रों की जांच.

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    गिरिडीह: रोटरी क्लब ऑफ गिरिडीह ग्रेटर द्वारा सामाजिक सरोकारों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को निभाते हुए JPP इंटरनेशनल स्कूल, गादी श्रीरामपुर, जिला गिरिडीह में एक दिवसीय दंत चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। इस विशेष शिविर में विद्यालय के लगभग 300 विद्यार्थियों के दाँतों की जांच की गई।

    शिविर में क्लब के सदस्य एवं अनुभवी दंत चिकित्सक डॉ. निखिल अग्रवाल और डॉ. खुशबू गर्ग ने बच्चों की दंत जांच करते हुए उन्हें मौखिक स्वच्छता बनाए रखने के लिए आवश्यक सुझाव दिए। बच्चों को डेंटल किट भी प्रदान की गई ताकि वे दैनिक जीवन में दांतों की देखभाल की आदतों को अपनाएं।

    इसके साथ ही, बच्चों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने हेतु “दो चम्मच कम, चार कदम आगे” नामक अभियान चलाया गया, जिसका उद्देश्य संतुलित आहार और नियमित व्यायाम की आदत को बढ़ावा देना था। वहीं, जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए एक विशेष कार्यशाला का भी आयोजन किया गया, जिसमें छात्रों को रोज़मर्रा की आदतों में सुधार और स्वच्छता के महत्व पर व्यावहारिक जानकारी दी गई।

    कार्यक्रम की सफलता में रोटरी क्लब के पूर्व अध्यक्ष एवं संयोजक सुजय राज गुप्ता की प्रमुख भूमिका रही। साथ ही क्लब अध्यक्ष सीए शंकर अग्रवाल, सचिव सीए रवि गाड़िया, कोषाध्यक्ष सीए दीपक सोंथालिया, राजेंद्र तरवे, अनिल मिश्रा सहित JPP इंटरनेशनल स्कूल के प्रबंधन से जुड़े अमित पांडे, त्रिलोकीनाथ पांडे और विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं का सराहनीय सहयोग रहा।

    यह आयोजन न केवल स्वास्थ्य जागरूकता की दिशा में एक सशक्त पहल रहा, बल्कि बच्चों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की प्रेरणा भी प्रदान कर गया।

  • राज्यपाल पहुंचे नेमरा, दिवंगत दिशोम गुरु को दी श्रद्धांजलि

    हेमंत सोरेन निभा रहे पारिवारिक और राजनीतिक दायित्वों का संतुलन.

    परवेज़ आलम.

    The News Post4u.

    नेमरा/ रामगढ़: झारखंड की राजनीति के पुरोधा, आदिवासी अस्मिता के प्रतीक और झामुमो संस्थापक दिशोम गुरु शिबू सोरेन के निधन के बाद पूरा राज्य शोक में डूबा है। इसी क्रम में गुरुवार को झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पैतृक गांव नेमरा पहुंचे और दिवंगत नेता की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

    राज्यपाल ने इस अवसर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात कर शोक संवेदना भी प्रकट की। मुख्यमंत्री इन दिनों अपने पिता के निधन के बाद श्राद्धकर्म और अंतिम संस्कार से जुड़ी सभी धार्मिक विधियां पूरी करने के लिए नेमरा गांव में ही रुके हुए हैं। पारिवारिक जिम्मेदारियों के साथ-साथ भावनात्मक रूप से भी यह समय उनके लिए अत्यंत कठिन है।

    बाबा की चिता को दी मुखाग्नि, अब निभा रहे पुत्र धर्म

    बीते मंगलवार को दिशोम गुरु शिबू सोरेन का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव नेमरा में किया गया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने स्वयं अपने पिता को मुखाग्नि दी। इस दौरान राज्य के कई बड़े नेता, पार्टी कार्यकर्ता और हज़ारों की संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। रांची विधानसभा से नेमरा तक उनके पार्थिव शरीर की अंतिम यात्रा के दौरान लोग सड़कों पर कतारबद्ध होकर “गुरुजी अमर रहें” के नारों से विदाई दे रहे थे।

    तीन कर्म की परंपरा निभाई, परिवार संग भावनात्मक क्षण

    अंतिम संस्कार के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने गुरुवार को पारंपरिक ‘तीन कर्म’ की रस्म निभाई। इस दौरान उनका पूरा परिवार उनके साथ था — माता रूपी सोरेन, छोटे भाई बसंत सोरेन, पत्नी कल्पना सोरेन, बहन अंजलि सोरेन, भाभी सीता सोरेन सहित अन्य परिजन और बच्चे भी मौजूद रहे। बुजुर्गों की सलाह और परिवार की परंपराओं का पालन करते हुए हेमंत सोरेन ने पुत्र धर्म का निर्वहन किया।

    भावुक पोस्ट में याद किया संघर्ष और बलिदान

    मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया (X) पर एक भावुक पोस्ट साझा करते हुए लिखा,

    “नेमरा की यह क्रांतिकारी और वीर भूमि, दादाजी की शहादत और बाबा के अथाह संघर्ष की गवाह है। यहां के जंगलों, नालों, नदियों और पहाड़ों ने क्रांति की हर गूंज सुनी है, हर बलिदान को संजो कर रखा है।”

    उन्होंने वीर शहीद दादाजी सोना सोबरन मांझी और दिशोम गुरु के संघर्ष को नमन करते हुए उनकी स्मृतियों को साझा किया। मुख्यमंत्री ने इस भावुक क्षण में नेमरा की प्राकृतिक पृष्ठभूमि में ली गई एक तस्वीर भी पोस्ट की।

    नेमरा बना श्रद्धांजलि स्थल, प्रशासनिक व्यवस्था चाक-चौबंद

    नेमरा गांव इन दिनों शोक और श्रद्धा का केंद्र बन गया है। राज्य के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू खुद नेमरा मे कैंप  कर ब्यवस्था बनाने मे लगे है ।  झारखंड मुक्ति मोर्चा के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में गांव में मौजूद हैं। आम जनता से लेकर राजनेता तक, हर कोई दिशोम गुरु को अंतिम श्रद्धांजलि देने नेमरा पहुंच रहा है। गांव की सीमाओं पर प्रशासन ने ट्रैफिक और भीड़ नियंत्रण की सख्त व्यवस्था की है। लगभग 4 किलोमीटर दूर तक गाड़ियों की पार्किंग व्यवस्था की गई है। रामगढ़ के डीसी और एसपी  व बोकारो ज़ोन के आई जी स्वयं स्थिति की निगरानी कर रहे हैं।

    नेमरा आज केवल एक गांव नहीं, बल्कि आदिवासी चेतना, संघर्ष और नेतृत्व की विरासत का प्रतीक बन गया है। दिशोम गुरु शिबू सोरेन की अंतिम यात्रा ने यह साबित कर दिया कि वे केवल एक नेता नहीं, बल्कि एक आंदोलन थे। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अब उस विरासत को संजोने और आगे बढ़ाने के संकल्प के साथ अपने पिता के अंतिम संस्कार की हर परंपरा को निभा रहे हैं।