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  • भक्ति और सेवा का संगम: कांवरियों का जत्था बाबा धाम के लिए हुआ रवाना

    By The News Post4u.

    गिरिडीह : श्रावण मास की भक्ति और आस्था से ओतप्रोत माहौल में आज भंडारीडीह स्थित राधाकृष्ण मंदिर परिसर से कांवरियों का एक श्रद्धालु जत्था बाबा धाम, देवघर के लिए रवाना हुआ। इस अवसर पर प्रो. विनीता कुमारी एवं उनकी टीम ने लगभग 30 से 35 कांवरियों को अंगवस्त्र एवं फल भेंट कर सम्मानपूर्वक विदा किया।

    प्रो. विनीता कुमारी ने बताया कि यह सेवा कार्य हर वर्ष श्रावण महीने में पूरी श्रद्धा और समर्पण के साथ किया जाता है। श्रद्धालु सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर कांवर यात्रा पर निकलते हैं और बाबा भोलेनाथ को जल अर्पित करते हैं। उन्होंने बताया कि इस बार एक महिला और चार छोटे बच्चे भी कांवर लेकर बाबा के दरबार में जल चढ़ाने जा रहे हैं, जो भक्ति की भावना को और भी अद्वितीय बनाता है।

    इस पुण्य अवसर पर नगर के कई गणमान्य लोग भी मौजूद रहे। नगर मंत्री समीर दीप, अमित आर्या, सुरेश गुप्ता, शुभ दीप, सोनु साईं, रितिक पासवान, बीरु वर्मा, मुकेश मंडल, मुकेश कुमार और रोमण पाठक जैसे सक्रिय समाजसेवियों की उपस्थिति ने वातावरण को और भी भक्तिमय बना दिया।

    श्रद्धा, सेवा और सहयोग की इस सुंदर मिसाल ने यह संदेश दिया कि समाज जब साथ आता है, तो भक्ति का मार्ग और भी मंगलमय हो जाता है।

     

  • लायंस क्लब गिरिडीह सनशाइन ने बिरहोर छात्रावास के बच्चों के साथ बांटा खुशियों का स्वाद

    By The News Post4u.

    गिरिडीह: समाज सेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाते हुए लायंस क्लब ऑफ गिरिडीह सनशाइन  ने  ‘फूड फॉर हंगर’ अभियान के अंतर्गत बिरहोर समुदाय के बच्चों के साथ भोजन साझा किया। कार्मेल स्कूल के समीप स्थित उत्कर्ष बिरहोर छात्रावास में आयोजित इस कार्यक्रम में करीब 35 बच्चों को स्वादिष्ट और पौष्टिक दोपहर का भोजन परोसा गया।

    भोजन मिलने पर बच्चों के चेहरे की मुस्कान इस सेवा की सफलता को बयां कर रही थी। बच्चों के साथ आत्मीयता से समय बिताते हुए क्लब के सदस्यों ने न सिर्फ उन्हें भोजन कराया, बल्कि भविष्य में भी इस तरह की गतिविधियों को जारी रखने का संकल्प लिया।

    इस सेवा कार्य में क्लब के अध्यक्ष सुमित भूदोलिया, सचिव बिनीत केडिया, कोषाध्यक्ष पुनीत खंडेलवाल सहित धीरज खेतान, सोनल खंडेलवाल, सुरभि खेतान, शशांक अग्रवाल, शुभम केडिया, प्रिया भूदोलिया और हर्षित केडिया जैसे सक्रिय सदस्य मौजूद रहे।

    लायंस क्लब ऑफ गिरिडीह सनशाइन की यह पहल न केवल जरूरतमंद बच्चों के लिए मददगार रही, बल्कि यह भी दिखाती है कि कैसे समाज के जिम्मेदार नागरिक सामूहिक प्रयास से सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं। क्लब की यह पहल सेवा, सहयोग और सद्भावना की मिसाल बन गई।

  • रोटरी गिरिडीह का पदस्थापना समारोह संपन्न, नए अध्यक्ष पियूष मुसद्दी ने संभाली कमान

    By : चंदन पांडेय

    Edited By : परवेज़ आलम

    गिरिडीह :  उत्सव उपवन रिसॉर्ट गिरिडीह में रोटरी गिरिडीह का 68वां पदस्थापना समारोह आयोजित हुआ। इस अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि रोटरी डिस्ट्रिक्ट 3250 की गवर्नर रोटेरियन नम्रता उपस्थित रहीं, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में रोटरी असिस्टेंट गवर्नर डॉ. मोहम्मद आजाद समारोह में शामिल हुए।

    कार्यक्रम की शुरुआत छोटे बच्चों द्वारा प्रस्तुत सुंदर गणेश वंदना से हुई, जिसके बाद अतिथियों ने दीप प्रज्वलन कर समारोह का औपचारिक शुभारंभ किया। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत की गई।

    इस मौके पर निवर्तमान अध्यक्ष रवि चूड़ीवाला के नेतृत्व में 2024-25 रोटरी सत्र के दौरान क्लब द्वारा किए गए विभिन्न सामाजिक और सेवा कार्यों का ब्यौरा सचिव मयंक राजगढ़िया ने प्रस्तुत किया। पिछले वर्ष उत्कृष्ट योगदान देने वाले सदस्यों को मोमेंटो देकर सम्मानित भी किया गया।

    इसके बाद रोटरी गिरिडीह के नव निर्वाचित अध्यक्ष पियूष मुसद्दी और सचिव रोहित जैन को मुख्य अतिथि द्वारा पदभार ग्रहण कराया गया। अध्यक्ष पियूष मुसद्दी ने अपनी नई कार्यकारिणी टीम की घोषणा की और मंच पर बुलाकर परिचय कराया। उन्होंने आगामी वर्ष के लिए क्लब की योजनाओं और सेवा कार्यों की रूपरेखा भी प्रस्तुत की।

    समारोह के दौरान रोटरी परिवार में तीन नए सदस्यों का स्वागत भी किया गया। मुख्य अतिथि नम्रता ने उन्हें रोटरी लेपल पिन पहनाकर सदस्यता प्रदान की।

    मुख्य अतिथि नम्रता ने अपने संबोधन में रोटरी गिरिडीह की सराहना करते हुए कहा कि क्लब समाज सेवा के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय है और रोटरी के मूल उद्देश्यों को प्रभावशाली ढंग से आगे बढ़ा रहा है। उन्होंने रोटरी की अंतरराष्ट्रीय गतिविधियों और भविष्य की दिशा पर भी विस्तार से चर्चा की।

    समारोह का संचालन और धन्यवाद ज्ञापन प्रमोद अग्रवाल ने किया। कार्यक्रम में पूर्व रोटरी डिस्ट्रिक्ट गवर्नर शिव प्रकाश बगड़िया, गिरिडीह के प्रमुख उद्योगपति सुरेश जालान, राजेंद्र बगड़िया, विजय सिंह, लक्खी गौरीसरिया, मनीष तर्वे, आशीष तर्वे, अभिषेक जैन, संतोष गोयनका, विकास बगड़िया, शरद रुंगटा, अधिवक्ता प्रकाश सहाय, पूनम सहाय, डॉ. शशि भूषण चौधरी, डॉ. विकास लाल, डॉ. विनय गुप्ता, रंजना बगड़िया, भूपेंद्र सिंह समेत शहर की कई सामाजिक संस्थाओं से जुड़े प्रतिष्ठित जन मौजूद रहे।

    समारोह समाज सेवा और संगठनात्मक जिम्मेदारियों के एक नए अध्याय की शुरुआत के रूप में यादगार बन गया।

  • झारखंड में जमीन रजिस्ट्री का क्या है  नया नियम जान लीजिये वरना पछताना पड़ेगा

    2 लाख से अधिक के लेनदेन पर बैंक ट्रांजैक्शन की देनी होगी जानकारी

    परवेज़ आलम.

    For The News Post4u.

    गिरिडीह: झारखंड में जमीन की खरीद-बिक्री से जुड़ी प्रक्रिया अब और अधिक पारदर्शी और काले धन से मुक्त होगी। राज्य के भूमि-राजस्व विभाग ने इस दिशा में बड़ा फैसला लेते हुए दो लाख रुपये से अधिक मूल्य की संपत्तियों की रजिस्ट्री के लिए केवल बैंक ट्रांजैक्शन को ही मान्य करने का आदेश जारी किया है।

    रजिस्ट्री के लिए अब बैंक भुगतान अनिवार्य.

    गिरिडीह के जिला अवर निबंधक  के मुताबिक अब दो लाख रुपये से अधिक की संपत्तियों की रजिस्ट्री तब तक नहीं होगी जब तक खरीदार बैंक के जरिए भुगतान की पुष्टि नहीं करता। नकद लेनदेन को पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। इस बाबत रजिस्ट्री कार्यालयों को इसके स्पष्ट निर्देश दे दिए गए हैं और परिसर में इस संबंध में नोटिस भी लगाए जा चुके हैं ताकि आम जनता को जागरूक किया जा सके।

    सुप्रीम कोर्ट और आयकर विभाग की सिफारिशों के आधार पर फैसला

    यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों और आयकर विभाग के निर्देशों के तहत लिया गया है। आयकर अधिनियम की धारा 269ST के तहत किसी भी व्यक्ति को दो लाख रुपये से अधिक का नकद लेनदेन करना प्रतिबंधित है। इसी आधार पर अब संपत्ति लेनदेन को भी बैंकिंग प्रणाली के माध्यम से बाध्य किया गया है ताकि काले धन के प्रवाह पर लगाम लगाई जा सके।

    खरीदारों को देनी होगी ट्रांजैक्शन की पूरी जानकारी

    अब रजिस्ट्री के दौरान संपत्ति खरीदार को निम्नलिखित जानकारियां प्रस्तुत करनी होंगी:

    • भुगतान की विधि (जैसे NEFT, RTGS, चेक आदि),
    • राशि,
    • भुगतान की तारीख और
    • लेन-देन का वैध दस्तावेज या प्रमाण।

    सरकार को टैक्स चोरी रोकने में मिलेगी मदद.

    इस नियम के लागू होने से जमीन की खरीद-बिक्री में पारदर्शिता आएगी और बेनामी सौदों, काले धन और टैक्स चोरी जैसे मामलों पर प्रभावी अंकुश लगेगा। साथ ही सरकार को राजस्व का नुकसान भी नहीं होगा।

    भूमि-राजस्व विभाग को उम्मीद है कि इस सख्ती से राज्य के रियल एस्टेट बाजार में ईमानदारी को बढ़ावा मिलेगा और आम जनता का विश्वास भी प्रणाली पर और मजबूत होगा।

     

  • हेमंत सरकार द्वारा अटल क्लिनिक का नाम बदलने पर भड़की बीजेपी

    रघुवर दास ने कहा- सरकार की मानसिक दिवालियापन की निशानी.

    The News Post4u.

    झारखंड में अटल क्लिनिक का नाम बदलकर “मदर टेरेसा एडवांस हेल्थ क्लिनिक” रखने के फैसले के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने जमकर विरोध जताया है। शुक्रवार  को राज्य के कई जिलों में भाजपा कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया।

    पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने इस मुद्दे पर राज्य सरकार पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा, “अटल बिहारी वाजपेयी जी जैसे महान नेता के नाम पर शुरू की गई स्वास्थ्य योजना का नाम बदलना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और सरकार की गिरती मानसिकता को दिखाता है। सरकार ओछी राजनीति कर रही है।”

    रघुवर दास ने कहा कि वे मदर टेरेसा का सम्मान करते हैं, लेकिन कुछ संस्थाओं के जरिए उनके नाम पर जो काम हुए, वह देश जानता है। उन्होंने आरोप लगाया कि “निर्मल हृदय” संस्था पर नवजात बच्चों की बिक्री जैसे गंभीर आरोप लगे थे। ऐसे में लोगों के मन में सवाल है कि क्या यह नाम परिवर्तन धर्मांतरण की चल रही गतिविधियों से जुड़ा हुआ कदम तो नहीं है?

    उन्होंने आगे कहा कि “यह फैसला अटल जी जैसे राष्ट्र निर्माता को जनता की स्मृति से मिटाने की एक साजिश लगती है। न तो आदिवासी समाज और न ही आम जनता इसे स्वीकार करेगी।”

    पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी सुझाव दिया कि अगर सरकार मदर टेरेसा के नाम पर योजना शुरू करना चाहती थी, तो वह नई योजना लेकर आती। उन्होंने कहा, “पुरानी योजनाओं का नाम बदलकर अपनी नाकामी छुपाने का काम हो रहा है। सरकार स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे गंभीर मुद्दों पर कुछ नया करने में असफल रही है।”

    रघुवर दास ने याद दिलाया कि “16 अगस्त 2019 को अटल जी की पुण्यतिथि पर गरीबों को सस्ती और अच्छी स्वास्थ्य सेवा देने के लिए अटल क्लिनिक की शुरुआत की गई थी।” उन्होंने सरकार से मांग की कि “वह अटल क्लिनिक का नाम वापस बहाल करे और इस तरह के राजनीतिक निर्णयों से बचे।”

     

  • इनर व्हील क्लब ऑफ गिरिडीह ने पर्यावरण संरक्षण दिवस पर किया वृक्षारोपण

    विद्यार्थियों को दिया जागरूकता का संदेश.

    The News Post4u.

    गिरिडीह: पर्यावरण संरक्षण दिवस के उपलक्ष्य में इनर व्हील क्लब ऑफ गिरिडीह ने सामाजिक सरोकार की मिसाल पेश करते हुए उत्क्रमित उच्च विद्यालय, राजपुरा परिसर में वृक्षारोपण अभियान चलाया। इस अवसर पर क्लब की ओर से 30 फलदार, छायादार एवं औषधीय पौधे लगाए गए।

    कार्यक्रम की अध्यक्षता क्लब प्रेसिडेंट हेमा दत्त ने की। उन्होंने उपस्थित छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में वृक्षारोपण की अहम भूमिका है। उन्होंने बताया कि पेड़ न सिर्फ वायुमंडल को शुद्ध करते हैं, बल्कि जीवन को भी सुरक्षित बनाते हैं। उन्होंने बच्चों से अपील की कि वे अपने जीवन में कम से कम एक पौधा जरूर लगाएं और उसकी देखभाल भी करें।

    इस अवसर पर क्लब की पूर्व अध्यक्ष रेखा तर्वे, रूप श्री खेतान, सदस्याएं आराधना गुप्ता, सोनी कंधवे और नीलम भी उपस्थित रहीं। सभी सदस्यों ने मिलकर विद्यालय परिसर में पौधे लगाए और विद्यार्थियों को पौधों के महत्व के बारे में जानकारी दी।

    क्लब की सदस्याओं ने बताया कि यह अभियान पर्यावरण संरक्षण माह के अंतर्गत चलाए जा रहे विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों की एक कड़ी है। उन्होंने यह भी संकल्प लिया कि भविष्य में भी इसी तरह के और कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे ताकि समाज में पर्यावरण के प्रति सजगता बढ़ाई जा सके।

    विद्यालय प्रशासन ने इनर व्हील क्लब के इस प्रयास की सराहना की और सभी सदस्याओं को धन्यवाद दिया। कार्यक्रम के समापन पर सभी बच्चों ने पौधों की देखभाल का संकल्प लिया।

  • गिरिडीह: डीसी ने खनन कार्यालय का किया औचक निरीक्षण

     अवैध खनन पर जीरो टॉलरेंस की चेतावनी.

    The News Post4u.

    गिरिडीह: उपायुक्त रामनिवास यादव ने शुक्रवार को जिला खनन कार्यालय का औचक निरीक्षण कर खनन संबंधित कार्यप्रणाली और राजस्व संग्रहण की स्थिति की गहन समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने राजस्व संग्रह बढ़ाने के लिए अधिकारियों को ठोस और व्यावहारिक रणनीति अपनाने के निर्देश दिए।

    उपायुक्त ने खनन कार्यालय में रखे गए अभिलेखों, पंजियों और दस्तावेजों की बारीकी से जांच की और कहा कि दस्तावेजों का संधारण पूर्ण पारदर्शिता के साथ किया जाए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अवैध खनन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इसके खिलाफ नियमित जांच और कार्रवाई आवश्यक है।

    रामनिवास यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि यदि जिले में कहीं भी अवैध खनन या खनिजों का अवैध परिवहन हो रहा हो, तो उस पर तुरंत और कठोर कार्रवाई की जाए। उन्होंने खासतौर पर वन क्षेत्रों में चल रहे अवैध क्रशर इकाइयों, माईका उत्खनन और उसके अवैध प्रेषण पर सतत निगरानी रखने का आदेश दिया। इसके लिए विशेष छापामारी अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए।

    डीसी ने कहा कि गिरिडीह जिला प्रशासन खनिज संपदाओं की रक्षा और राजस्व संग्रह में पारदर्शिता सुनिश्चित करने को लेकर प्रतिबद्ध है। इस दिशा में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता को गंभीरता से लिया जाएगा और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई तय होगी।

    निरीक्षण के दौरान खनन पदाधिकारी समेत अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। यह कदम प्रशासन की ओर से अवैध खनन पर लगाम कसने और खनिज संपदा के संरक्षण को लेकर सक्रियता का स्पष्ट संकेत माना जा रहा है।

  • जंगली हाथी के साथ रील बना रह था सद्दाम,फिर जो हुआ …..

    वन विभाग की चेतावनियों के बावजूद रील बनाने की सनक ने ले ली जान.

    परवेज़ आलम.

    For The News Post4u.

    कोडरमा (झारखंड): झारखंड के कोडरमा जिले में रील बनाने की कोशिश में एक युवक की जान चली गई। सोशल मीडिया पर प्रसिद्ध होने की चाहत ने 30 वर्षीय सद्दाम अंसारी को इस कदर अंधा कर दिया कि वह जंगली हाथियों के झुंड के पास जाकर उनके साथ सेल्फी और रील बनाता रहा। लेकिन यह दुस्साहसिक कदम उसकी मौत का कारण बन गया।

    हाथी के गुस्से का शिकार बना युवक.

    यह हादसा मरकच्चो थाना क्षेत्र के सलैया पहाड़ी के जंगलों में हुआ। स्थानीय निवासी सद्दाम अंसारी, जो बेलडीह गांव का रहने वाला था और पेशे से मार्बल मिस्त्री था, अपने दो दोस्तों के साथ जंगल में पहुंचे थे। उन्हें सूचना मिली थी कि इलाके में हाथियों का झुंड देखा गया है। वहां पहुंचकर सद्दाम हाथियों के बेहद करीब जाकर मोबाइल से वीडियो शूट करने लगा और सेल्फी लेने लगा।

    इसी दौरान झुंड में से एक हाथी अचानक आक्रामक हो गया और युवक की ओर दौड़ पड़ा। सद्दाम के दोनों दोस्त किसी तरह जान बचाकर भाग निकले, लेकिन सद्दाम का पैर झाड़ियों में फंस गया और वह गिर गया। गुस्साए हाथी ने उसे उठाकर पटक दिया और फिर पैरों से बुरी तरह कुचल डाला।

    इलाज के दौरान तोड़ा दम.

    घायल अवस्था में ग्रामीणों ने सद्दाम को तुरंत कोडरमा सदर अस्पताल पहुंचाया, जहां उसकी हालत गंभीर देखते हुए डॉक्टरों ने उसे रांची के रिम्स (RIMS) अस्पताल रेफर कर दिया। लेकिन रांची पहुंचने से पहले ही रास्ते में उसकी मौत हो गई।

    ADVT.

    पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं.

    यह कोई पहली घटना नहीं है जब हाथियों के हमले में इंसानी जान गई हो। इससे पहले मार्च महीने में झारखंड के सिमडेगा और गुमला जिलों में भी जंगली हाथियों ने चार ग्रामीणों को कुचलकर मार डाला था। इसके बावजूद लोग अब भी बिना सुरक्षा उपायों के जंगली क्षेत्रों में जान जोखिम में डालकर वीडियो बनाते देखे जाते हैं।

    प्रशासन और वन विभाग की अपील.

    वन विभाग ने बार-बार चेतावनी दी है कि जंगली जानवरों से दूरी बनाकर रखें और बिना अनुमति जंगलों में प्रवेश न करें। रील और सोशल मीडिया के लिए अपनी जान खतरे में डालना किसी भी तरह से समझदारी नहीं है।

    यह हादसा एक बार फिर चेतावनी देता है कि वाइल्डलाइफ से छेड़छाड़ या लापरवाही सिर्फ अवैध ही नहीं, घातक भी हो सकती है।

     

  • हेमंत सोरेन सरकार का बड़ा फैसला: ‘अटल मोहल्ला क्लीनिक’ का नाम बदलकर अब होगा ‘मदर टेरेसा एडवांस हेल्थ क्लीनिक’

    21 अहम प्रस्तावों पर लगी मुहर, राज्य विश्वविद्यालय कानून को मिली मंजूरी, पुलिस भर्ती नियमों में भी बदलाव.

    परवेज़ आलम 

    For The News Post4u.

    रांची : झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार ने एक अहम निर्णय लेते हुए पूर्ववर्ती भाजपा सरकार द्वारा शुरू की गई ‘अटल मोहल्ला क्लीनिक’ योजना का नाम बदलने का फैसला किया है। अब ये स्वास्थ्य केंद्र ‘मदर टेरेसा एडवांस हेल्थ क्लीनिक’ के नाम से जाने जाएंगे। यह निर्णय गुरुवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया।

    क्लीनिक नाम परिवर्तन का उद्देश्य.
    कैबिनेट सचिव वंदना दादेल ने जानकारी दी कि मंत्रिमंडल ने इस नाम परिवर्तन को औपचारिक रूप से मंजूरी दी है। गौरतलब है कि इस योजना की शुरुआत अगस्त 2019 में तत्कालीन मुख्यमंत्री रघुबर दास ने शहरी मलिन बस्तियों में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की थी। वर्तमान में राज्य में ऐसे 140 मोहल्ला क्लीनिक कार्यरत हैं, जहां मुफ्त जांच, परामर्श और आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।

    राज्य विश्वविद्यालय कानून में बड़ा बदलाव.
    कैबिनेट की बैठक में ‘झारखंड राज्य विश्वविद्यालय विधेयक, 2025’ को भी मंजूरी दी गई। वंदना दादेल के अनुसार, वर्तमान में राज्य के विभिन्न विश्वविद्यालय अलग-अलग अधिनियमों के अंतर्गत संचालित हो रहे हैं। अब एक समान और समेकित अधिनियम लाकर इन विश्वविद्यालयों को एक ही कानूनी ढांचे में लाया जाएगा। मेडिकल और एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी को इस दायरे से बाहर रखा गया है। साथ ही, विश्वविद्यालयों में नियुक्तियों के लिए एक विशेष विश्वविद्यालय सेवा आयोग के गठन का भी प्रस्ताव स्वीकृत किया गया है।

    श्रावणी मेला की तैयारियों को भी मिली स्वीकृति.
    देवघर में एक महीने तक चलने वाले प्रसिद्ध श्रावणी मेले के मद्देनजर सुरक्षा और यातायात प्रबंधन को लेकर 10 जुलाई से 10 अगस्त तक कुल 28 अस्थायी मेला पुलिस चौकियों और 19 ट्रैफिक नियंत्रण चौकियों की स्थापना को भी मंत्रिमंडल ने मंजूरी दे दी है।

    पुलिस भर्ती विज्ञापन रद्द, नए नियम लागू.
    संयुक्त भर्ती नियमावली 2025 के क्रियान्वयन के बाद पूर्व में प्रकाशित पुलिस भर्ती विज्ञापनों को निरस्त करने का निर्णय लिया गया है। हालांकि, पहले आवेदन कर चुके अभ्यर्थियों को नई भर्तियों में आवेदन शुल्क से छूट मिलेगी। इसके अतिरिक्त, सभी श्रेणियों के अभ्यर्थियों को अधिकतम आयु सीमा में भी रियायत देने का फैसला किया गया है।

    उर्दू शिक्षकों की बहाली को मिली हरी झंडी.
    राज्य के प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों में उर्दू विषय के लिए सहायक अध्यापक की नियुक्ति को लेकर 4,339 पदों के सृजन का प्रस्ताव भी पारित किया गया। यह निर्णय राज्य में अल्पसंख्यक भाषा शिक्षा को मजबूती देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

    मंत्रिमंडल की इस बैठक में कुल 21 निर्णय लिए गए, जो प्रशासनिक सुधार, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों से संबंधित हैं। इन फैसलों से राज्य में सुशासन और सार्वजनिक सेवा प्रणाली को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

     

  • जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ महाभियोग की कार्रवाई शुरू

     उपराष्ट्रपति के लिए  राम नाथ ठाकुर रेस में सबसे आगे.

    For The News Post4u.

    नई दिल्ली: उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के अचानक इस्तीफे के बाद केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाते हुए इलाहाबाद हाई कोर्ट केके खिलाफ महाभियोग की प्रक्रिया शुरू कर दी है। उन पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे हैं, जिनकी जांच के लिए संवैधानिक प्रक्रिया अपनाई जा रही है।

    इंडियन एक्सप्रेस  की रिपोर्ट के मुताबिक, बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की। सूत्रों के अनुसार, संसद भवन में पहले ओम बिरला और हरिवंश ने आपसी बातचीत की, जिसके बाद अमित शाह उनसे मिले। यह बैठक इस पूरे मामले की संवेदनशीलता और गंभीरता को दर्शाती है।

    अब आगे क्या प्रक्रिया होगी?

    संविधान के अनुसार, लोकसभा अध्यक्ष एक वैधानिक समिति का गठन करेंगे, जो जस्टिस वर्मा के खिलाफ लगे आरोपों की जांच करेगी। यह समिति तीन सदस्यों की होगी, जिसमें होंगे:

    • सुप्रीम कोर्ट के एक वरिष्ठ न्यायाधीश
    • किसी उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश
    • एक प्रख्यात न्यायविद या कानून विशेषज्ञ

    इस समिति को तीन महीने के भीतर जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंपनी होगी।

    जस्टिस वर्मा ने की जांच रिपोर्ट को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती.

    इस बीच, जस्टिस यशवंत वर्मा ने अपने खिलाफ की गई इन-हाउस जांच रिपोर्ट को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। इस याचिका पर अब सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करेगा, जिससे मामला और अधिक संवेदनशील हो गया है।

    अगर दोषी पाए गए तो क्या होगा?

    यदि समिति जस्टिस वर्मा को दोषी पाती है, तो उसकी रिपोर्ट संसद में पेश की जाएगी। इसके बाद:

    • लोकसभा और राज्यसभा में इस रिपोर्ट पर बहस होगी।
    • फिर दोनों सदनों में मतदान कराया जाएगा।
    • जज को हटाने के लिए दो-तिहाई बहुमत से प्रस्ताव पास करना जरूरी होगा।

    धनखड़ के इस्तीफे का कारण अभी भी रहस्य.

    इस बीच, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के इस्तीफे का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है। हालांकि राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। वहीं, नए उपराष्ट्रपति के लिए नामों की चर्चा शुरू हो गई है। समाजवादी विचारक कर्पूरी ठाकुर के बेटे राम नाथ ठाकुर को सबसे प्रबल दावेदार माना जा रहा है।

    इन घटनाओं की कड़ी—एक उच्च संवैधानिक पद से इस्तीफा, न्यायपालिका में महाभियोग की प्रक्रिया और संभावित राजनीतिक फेरबदल—देश की संवैधानिक व्यवस्था के लिए एक अहम मोड़ की ओर संकेत कर रही है।