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गिरिडीह:झारखंड के चाईबासा में एचआईवी संक्रमित रक्त चढ़ाए जाने की घटना ने पूरे राज्य में स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इसी मुद्दे को लेकर सोमवार को गिरिडीह जिला भाजपा ने सिविल सर्जन कार्यालय के समक्ष एक दिवसीय धरना देकर राज्य सरकार के खिलाफ जमकर विरोध दर्ज कराया।
धरना का नेतृत्व जिला अध्यक्ष महादेव दुबे ने किया। इस दौरान बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता, महिला मोर्चा की सदस्याएं और युवा मोर्चा के कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने राज्य सरकार की कथित लापरवाही और भ्रष्टाचार के खिलाफ नारेबाजी की।
धरना को संबोधित करते हुए महादेव दुबे ने कहा कि — “चाईबासा की यह घटना सिर्फ एक अस्पताल की गलती नहीं, बल्कि पूरे स्वास्थ्य तंत्र की सड़ांध को उजागर करती है।” उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान स्वास्थ्य मंत्री के कार्यकाल में अस्पतालों की व्यवस्था चरमराई हुई है, दवा आपूर्ति से लेकर उपकरण खरीद तक में भ्रष्टाचार व्याप्त है।
दुबे ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग में टेंडर कमीशनखोरी के आधार पर दिए जा रहे हैं, जिससे घटिया सामग्री और सेवाएं मरीजों तक पहुंच रही हैं। उन्होंने इसे राज्य की जनता के जीवन से खिलवाड़ बताते हुए मुख्यमंत्री और राज्यपाल से स्वास्थ्य मंत्री को तत्काल बर्खास्त करने की मांग की।
भाजपा नेताओं ने चेतावनी दी कि अगर राज्य सरकार ने जल्द कार्रवाई नहीं की, तो पार्टी राज्यव्यापी आंदोलन छेड़ेगी। प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि जनता अब इस लापरवाही को बर्दाश्त नहीं करेगी — हर अस्पताल में पारदर्शिता और जवाबदेही तय करनी होगी।
धरना के अंत में भाजपा कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन भी सौंपा, जिसमें राज्य की बिगड़ती स्वास्थ्य व्यवस्था की उच्च स्तरीय जांच की मांग की गई।







