चैंबर ऑफ कॉमर्स के अनुरोध पर हुई बैठक.
परवेज़ आलम.द न्यूज़ पोस्ट4यू.
रांची/गिरिडीह : फेडरेशन ऑफ झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज, रांची के आग्रह पर सोमवार को झारखंड के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ने राज्य के सभी जिलों के वरीय पुलिस अधीक्षकों, पुलिस अधीक्षकों एवं चैंबर ऑफ कॉमर्स के पदाधिकारियों के साथ एक ऑनलाइन बैठक आयोजित की। बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी दीपावली और छठ पूजा के दौरान राज्यभर में कानून व्यवस्था और ट्रैफिक प्रबंधन को और अधिक सुदृढ़ बनाना था।
बैठक में गिरिडीह जिला चैंबर ऑफ कॉमर्स के प्रतिनिधियों ने भी सक्रिय भागीदारी की। प्रतिनिधियों ने पिछले डेढ़-दो वर्षों में जिले में पुलिस प्रशासन द्वारा किए गए बेहतर कार्यों के लिए डीजीपी का आभार ब्यक्त किया । । साथ ही एक महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया गया कि गिरिडीह में करीब सात वर्ष पूर्व ट्रैफिक थाना स्थापित होने के बावजूद आज तक प्रशिक्षित ट्रैफिक पुलिस बल की नियमित नियुक्ति नहीं की गई है, जिसके चलते ट्रैफिक व्यवस्था अभी भी असंगठित और कमजोर बनी हुई है।
चैंबर प्रतिनिधियों ने डीजीपी को यह भी जानकारी दी कि गिरिडीह के अधिकांश व्यापारिक प्रतिष्ठानों और सदस्यों के आवासों के बाहर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जो अपराध नियंत्रण में सहायक सिद्ध हो रहे हैं। साथ ही उन्होंने वर्ष 2016 में चैंबर के सहयोग से शहर में लगाए गए 24 सीसीटीवी कैमरों की वर्तमान स्थिति पर चिंता व्यक्त की। बताया गया कि इन कैमरों में से कितने कार्यरत हैं और कितने बंद हैं, इसकी सटीक जानकारी उपलब्ध नहीं है। इस पर चैंबर ने पुलिस अधीक्षक गिरिडीह से अनुरोध किया कि सूची उपलब्ध कराई जाए ताकि निष्क्रिय कैमरों की मरम्मत कर उन्हें पुनः सक्रिय किया जा सके।
बैठक के दौरान डीजीपी ने चैंबर के प्रयासों की सराहना की और सुझाव दिया कि यदि चैंबर की ओर से शहर के प्रमुख चौक-चौराहों एवं प्रवेश द्वारों पर इंटरनेट युक्त सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं, तो यह पुलिस प्रशासन के लिए अत्यंत सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने यह भी अपील की कि अधिक से अधिक वाहन मालिक अपने वाहनों में Dash Cam (डैश कैमरा) लगाने का प्रयास करें, जिससे किसी भी आपराधिक घटना की जांच में त्वरित सहायता मिल सके।
इस ऑनलाइन बैठक में गिरिडीह जिला चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष निर्मल झुनझुनवाला, उपाध्यक्ष अमरजीत सिंह और महासचिव प्रमोद कुमार उपस्थित रहे।
बैठक को राज्यस्तरीय पुलिस-व्यापारिक समन्वय का एक सकारात्मक और उपयोगी कदम माना जा रहा है, जिससे आगामी त्योहारी सीजन में सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को और बेहतर बनाने की दिशा में ठोस परिणाम देखने को मिल सकते हैं।







