खाद्यान्न वितरण से लेकर ई-केवाईसी तक की गहन समीक्षा.
The News Post4u.
गिरिडीह समाहरणालय के सभागार में सोमवार को उपायुक्त रामनिवास यादव की अध्यक्षता में आपूर्ति विभाग से संबंधित योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस दौरान जिला स्तर पर राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA), मुख्यमंत्री दाल-भात योजना, चना दाल वितरण, डाकिया योजना, ग्रीन राशन कार्ड योजना, पीवीटीजी परिवारों के लिए विशेष पहल, सोना-सोबरन धोती-साड़ी योजना जैसे कई महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी योजनाओं के अद्यतन क्रियान्वयन की गहराई से समीक्षा की गई।
खाद्यान्न वितरण की समयबद्धता पर विशेष जोर:
उपायुक्त ने अप्रैल से जुलाई 2025 तक के खाद्यान्न वितरण की स्थिति की गहन समीक्षा करते हुए शत-प्रतिशत समयबद्ध वितरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को चेताया कि खाद्यान्न के उठाव और वितरण में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
JSFSS और NFSA योजनाएं:
NFSA के अंतर्गत लाभुकों को राशन वितरण की स्थिति की पड़ताल की गई और JSFSS योजना के तहत हो रहे अनाज वितरण पर भी फीडबैक लिया गया। संबंधित अधिकारियों को प्रगति रिपोर्ट में तेजी लाने और लक्ष्य की पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
पीवीटीजी परिवारों को डाकिया योजना से लाभ:
पीवीटीजी (अत्यंत पिछड़ा जनजातीय समूह) परिवारों तक डाकिया योजना के तहत राशन समय पर पहुंचे, इसके लिए उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को शत-प्रतिशत लाभ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
ई-केवाईसी में तेजी:
बैठक में छूटे हुए लाभुकों का जल्द से जल्द ई-केवाईसी पूरा कराने पर बल दिया गया। उपायुक्त ने बताया कि “Mera eKYC” ऐप के ज़रिए आधार आधारित ई-केवाईसी की प्रक्रिया बेहद सरल है। प्ले स्टोर से ऐप डाउनलोड कर आधार नंबर डालना, OTP डालना, कैप्चा भरना और फेस स्कैन के बाद ई-केवाईसी सफलतापूर्वक पूरा हो जाएगा।
खाद्य सामग्री का गुणवत्ता परीक्षण:
गिरिडीह डीसी ने निर्देश दिया कि गोदाम में मौजूद किसी भी पुराने खाद्यान्न की उपयोगिता की जांच खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी से कराई जाए और उपयुक्त प्रमाणपत्र मिलने के बाद ही उसका विभागीय विनिष्टीकरण किया जाए।
अन्य योजनाएं और निर्देश:
- मुख्यमंत्री दाल-भात योजना के संचालन की स्थिति की समीक्षा
- चना दाल, चीनी और नमक की आपूर्ति और वितरण की स्थिति
- सोना-सोबरन धोती-साड़ी योजना में सभी पात्र लाभुकों तक वितरण सुनिश्चित करना
- PGMS पोर्टल पर लंबित शिकायतों का शीघ्र निष्पादन
- सुसुप्त राशन कार्ड और ग्रीन टू NFSA कार्ड कन्वर्जन की प्रक्रिया में तेजी
- e-PoS मशीनों की कार्यशीलता की समीक्षा
उपायुक्त ने बैठक के समापन पर कहा कि “राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक और पात्र लोगों तक समय पर पहुंचे, यही प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए।” उन्होंने सभी पदाधिकारियों से उत्तरदायित्व निभाने और जवाबदेही के साथ कार्य करने की अपील की।
बैठक में उप विकास आयुक्त, जिला आपूर्ति पदाधिकारी, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, सभी सहायक गोदाम प्रबंधक समेत संबंधित विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।







