शिबू सोरेन के निधन के बाद दोबारा तय हुआ कार्यक्रम.
द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क
रांची : झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र, जो दिशोम गुरु और झारखंड आंदोलन के प्रणेता शिबू सोरेन के निधन के बाद अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया था, अब नए कार्यक्रम के अनुसार 22 अगस्त से 28 अगस्त 2025 तक आयोजित होगा। विधानसभा सचिवालय ने गुरुवार को इसकी आधिकारिक अधिसूचना जारी की।
इस संबंध में निर्णय विधानसभा अध्यक्ष रबींद्र नाथ महतो ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के प्रस्ताव पर लिया। नए कार्यक्रम के अनुसार सत्र में चार कार्य दिवस होंगे। हालांकि सचिवालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि आवश्यकता पड़ने पर सत्र की अवधि 28 अगस्त के बाद भी बढ़ाई जा सकती है, जिसके लिए अलग से अधिसूचना जारी की जाएगी।
मानसून सत्र का संशोधित कार्यक्रम
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22 अगस्त (शुक्रवार): 4 अगस्त को निर्धारित कार्य पूरे किए जाएंगे, प्रश्नकाल को छोड़कर। इस दिन वित्तीय वर्ष 2025-26 का प्रथम अनुपूरक बजट पेश होगा। साथ ही शोक प्रस्ताव भी पारित किए जाएंगे।
- 25 अगस्त (सोमवार): प्रश्नकाल, अनुपूरक बजट पर सामान्य चर्चा, मतदान और विनियोग विधेयक का पारण किया जाएगा।
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26 अगस्त (मंगलवार): प्रश्नकाल, राजकीय विधेयकों की प्रस्तुति और अन्य शासकीय कार्य होंगे।
- 28 अगस्त (गुरुवार): प्रश्नकाल और गैर-सरकारी संकल्पों पर चर्चा, लेकिन केवल उन प्रस्तावों पर जिनकी सूचना 23 जुलाई तक दी गई है।

क्यों हुआ था स्थगित?
झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र मूल रूप से 1 अगस्त से 7 अगस्त 2025 तक निर्धारित था। लेकिन 4 अगस्त को पूर्व मुख्यमंत्री और झारखंड आंदोलन के जननायक शिबू सोरेन के निधन के कारण पूरे सत्र को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करना पड़ा।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बाद में विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर यह आग्रह किया था कि शेष बचे महत्वपूर्ण विधायी और वित्तीय कार्यों को पूरा करने के लिए पुनः अनुपूरक सत्र आयोजित किया जाए।
इस प्रकार, अब यह अनुपूरक सत्र न केवल राज्य के वित्तीय कार्यों को पूरा करने का अवसर बनेगा बल्कि गुरुजी शिबू सोरेन के योगदान को याद करने और उनके निधन पर शोक प्रस्ताव पारित करने का भी मंच होगा।







