झारखंड निकाय चुनाव की सुगबुगाहट तेज़, कांग्रेस और राजद चुनाव मे उतरने को बेताब  

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झामुमो को है सरकार की रणनीति का इंतजार.

By The News post4u | परवेज़ आलम.

झारखंड में नगर निकाय चुनाव की तारीखों का ऐलान भले ही नहीं हुआ हो, पर सियासी दलों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) जैसे इंडिया गठबंधन के प्रमुख घटक दलों ने जहां चुनाव को लेकर रणनीति बनानी शुरू कर दी है, वहीं झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) फिलहाल सरकार की ओर से आधिकारिक रुख का इंतजार कर रहा है।

48 नगर निकाय, चुनाव की तैयारी में जुटे दल.

राज्य में 48 शहरी निकाय हैं, जिनमें नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायत शामिल हैं। आने वाले महीनों में इन क्षेत्रों में नई नगर सरकारों के गठन की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है। ऐसे में राजनीतिक दल अपनी संगठनात्मक मजबूती और जनाधार को बढ़ाने की दिशा में जुट गए हैं।

राजद: हर जिले में एक्टिव मोड में.

राष्ट्रीय जनता दल के प्रदेश अध्यक्ष संजय सिंह यादव ने सभी जिलों के पार्टी पदाधिकारियों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि वे स्थानीय स्तर पर निकाय चुनाव की तैयारी युद्ध स्तर पर शुरू करें। उनका मानना है कि यदि पार्टी चुनाव नहीं लड़ती है, तो उसका जनाधार कम हो जाता है और समर्थक इधर-उधर बिखर जाते हैं।

संजय यादव ने साफ कर दिया है कि राजद निकाय चुनाव को संगठन विस्तार का एक मौका मानती है और इस बार वह पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरेगी।

कांग्रेस: सभी 49 शहरी निकायों में उतरेगी मैदान में.

कांग्रेस पार्टी ने भी चुनाव को लेकर बेहद गंभीरता दिखाई है। पार्टी ने रांची नगर निगम क्षेत्र को मॉडल मानते हुए पूरे राज्य के लिए चुनावी रणनीति बनाई है। कांग्रेस का कहना है कि चाहे चुनाव दलीय आधार पर हो या गैर-दलीय, वह अपने कार्यकर्ताओं के माध्यम से जनता के बीच जाएगी और अधिक से अधिक सीटें जीतने का प्रयास करेगी।

हाल ही मे रांची के कार्निवल हॉल में “चुनौती: संगठन, संपर्क और संघर्ष” नाम से एक व्यापक संगठनात्मक सम्मेलन आयोजित किया गया था, जिसमें प्रदेश प्रभारी के. राजू, प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश, कार्यकारी अध्यक्ष बंधु तिर्की, पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय, पूर्व मेयर रमा खलखो और अन्य वरिष्ठ नेता शामिल हुए थे ।

कांग्रेस की महत्वपूर्ण घोषणाएं.

  • हर वार्ड के लिए कांग्रेस अपना अलग मेनिफेस्टो  जारी करेगी।
  • प्रत्येक मोहल्ले में 21 समर्पित कार्यकर्ताओं की कमेटी बनाई जाएगी।
  • कार्यकर्ताओं को भाजपा के “संवैधानिक हनन” के खिलाफ लोगों को जागरूक करने को कहा गया।

प्रदेश प्रभारी के. राजू ने स्पष्ट किया है  कि कांग्रेस इन चुनावों के जरिए यह संदेश देना चाहती है कि शहरी भारत में भी उसकी नीतियों को समर्थन मिल रहा है। वहीं राजेश कच्छप ने कहा कि अगर पार्टी के भीतर “स्लीपर सेल” जैसे गुप्त तत्व न हों, तो कांग्रेस मेयर और डिप्टी मेयर के पद पर आसानी से कब्जा जमा सकती है।

झामुमो को अभी सरकार की रणनीति का इंतजार.

वहीं झामुमो की ओर से फिलहाल चुनावी घोषणाओं और तैयारियों पर संयम बरता जा रहा है। पार्टी के केंद्रीय प्रवक्ता मनोज पांडेय ने कहा कि नगर निकाय चुनावों के स्वरूप को लेकर सरकार के स्पष्ट रुख का इंतजार किया जा रहा है।

यदि चुनाव दलीय  आधार पर होते हैं तो पार्टी की रणनीति अलग होगी, और अगर गैर-दलीय  ढांचे में होते हैं तो पूरी रणनीति बदल दी जाएगी।

पांडेय ने कांग्रेस और राजद की तैयारियों को लेकर कहा, “चुनाव के लिए शोर मचाना अब पुरानी राजनीति हो गई है। जो लोग मानते थे कि झामुमो का शहरी इलाकों में कोई आधार नहीं है, वे अब हकीकत देख रहे हैं।” उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की नीतियों और विकास कार्यों ने झारखंड के शहरी मतदाताओं के बीच पार्टी की छवि को मजबूत किया है।

उन्होंने पिछली रांची मेयर चुनाव का उदाहरण देते हुए आरोप लगाया कि वर्षा गाड़ी की जीत को “राजनीतिक साजिश” से रोका गया था।

राजनीतिक विश्लेषण.

निकाय चुनाव भले ही गैर-दलीय  कहे जा रहे हों, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि सभी प्रमुख दल इसमें अपने जनाधार को मापने और 2029  विधानसभा व  लोकसभा चुनावों की बुनियाद मजबूत करने के नजरिए से देख रहे हैं।

  • राजद इसे ग्रामीण क्षेत्रों से शहरी इलाकों में अपने आधार को विस्तार देने का मौका मान रही है।
  • कांग्रेस इस चुनाव को संगठन के पुनर्निर्माण और सत्ता वापसी की तैयारी का प्लेटफॉर्म बना रही है।
  • झामुमो अपनी शहरी उपस्थिति को न केवल बनाए रखना, बल्कि भाजपा से टक्कर लेने के लिए नई रणनीति के साथ उतरने का संकेत दे रही है।

 

झारखंड में नगर निकाय चुनाव भले ही अभी औपचारिक रूप से घोषित न हुए हों, लेकिन राजनीतिक दलों की तैयारियों से यह स्पष्ट है कि यह चुनाव सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया भर नहीं, बल्कि एक बड़ा राजनीतिक सेमीफाइनल साबित हो सकता है।

 

The News Post4u

Perwez Alam is one of the founder of The News Post4U, he brings over 4 decades of Journalism of experience, having worked with Zee News, Sadhna News, News 11, Bureau cheif of Dainik Jargarn, Govt. Accredited Crosspondent of Hindustan daily, Jansatta ect, He loves doing human intrest, political and crime related stories. Contact : 9431395522

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