केंद्रीय पर्यटन मंत्री से मुलाकात में लिए गए कई अहम फैसले.
परवेज़ आलम.
For The News Post4U.
रांची /नई दिल्ली, 22 जुलाई
झारखंड में पर्यटन विकास को नई दिशा देने के उद्देश्य से आज नई दिल्ली में झारखंड पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार और केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक हुई । यह शिष्टाचार भेंट झारखंड को एक उभरते हुए पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक ठोस पहल मानी जा रही है।
बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने राज्य में पर्यटन के सर्वांगीण विकास से संबंधित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श किया और केंद्र सरकार से सक्रिय सहयोग का आश्वासन प्राप्त हुआ।
बैठक में लिए गए मुख्य निर्णय.
अशोक होटल के हस्तांतरण पर सहमति.
रांची स्थित अशोक होटल को झारखंड सरकार को सौंपने के संबंध में सैद्धांतिक सहमति बनी है। इससे होटल क्षेत्र में राज्य सरकार की सक्रियता बढ़ेगी और स्थानीय पर्यटन व्यवसाय को बल मिलेगा।
इको-टूरिज्म को मिलेगा बढ़ावा.
स्वदेश दर्शन 2.0 योजना के अंतर्गत छनडील, नेतरहाट और तेनुघाट में इको-टूरिज्म परियोजनाएं विकसित की जाएंगी, जो पर्यावरण-संवेदनशील पर्यटन को प्रोत्साहित करेंगी।

पर्यटन संस्थान की स्थापना.
राज्य में IITTM मॉडल पर आधारित एक उच्च स्तरीय पर्यटन संस्थान स्थापित किया जाएगा, जो पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र में युवाओं को व्यावसायिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराएगा।
राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मेलों का आयोजन.
झारखंड में पर्यटन को वैश्विक मंच देने के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मेलों का संयुक्त आयोजन किया जाएगा, जिससे राज्य की सांस्कृतिक और प्राकृतिक विविधताओं को व्यापक पहचान मिलेगी।
विरासत स्थलों का संरक्षण.
राज्य के पुरातात्विक और ऐतिहासिक स्थलों के संरक्षण पर भी विशेष जोर दिया गया। यह पहल न केवल सांस्कृतिक विरासत को संजोएगी, बल्कि इन्हें आकर्षक पर्यटन स्थल के रूप में भी विकसित करेगी।
पर्यटन के नए युग की शुरुआत.
बैठक के बाद यह स्पष्ट हुआ कि झारखंड को पर्यटन के मानचित्र पर नई पहचान दिलाने के लिए राज्य और केंद्र मिलकर ठोस प्रयास करेंगे। पर्यटन से जुड़े ये सभी प्रोजेक्ट्स न केवल झारखंड की आर्थिक संरचना को मजबूत करेंगे, बल्कि स्थानीय रोजगार के अवसरों में भी वृद्धि करेंगे।







