सदन के बाहर SIR पर चलती रही सियासत.
रांची ब्यूरो रिपोर्ट The News Post4u.
रांची : झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र शुक्रवार से प्रारंभ हो गया। सत्र की शुरुआत विधानसभा अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो के संबोधन से हुई, जिसमें उन्होंने लोकतंत्र के मूल मूल्यों को रेखांकित करते हुए कहा कि सदन में अल्पमत का भी उतना ही सम्मान होना चाहिए जितना बहुमत का। उन्होंने रचनात्मक बहस, लोकतांत्रिक संवाद और जन आकांक्षाओं की पूर्ति पर जोर दिया।
सत्र 7 अगस्त तक चलेगा और इस दौरान वित्तीय वर्ष 2025-26 का पहला अनुपूरक बजट सदन में पेश किया जाएगा।
पहले दिन दिवंगत आत्माओं को दी गई श्रद्धांजलि.
सत्र की शुरुआत शोक प्रस्तावों के साथ हुई। पूर्व सांसद चंद्रशेखर सिंह, तिलकधारी सिंह और वैज्ञानिक डॉ. के. कस्तूरीरंगन सहित हाल में दिवंगत कई प्रतिष्ठित व्यक्तियों को सदन ने याद किया। इसके अलावा अहमदाबाद विमान हादसे और जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में मारे गए लोगों को भी श्रद्धांजलि दी गई। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने उनके योगदानों को याद किया। सदन में दो मिनट का मौन रखकर शोक प्रकट किया गया, जिसके बाद कार्यवाही सोमवार तक के लिए स्थगित कर दी गई।
स्पीकर ने दी संवैधानिक मूल्यों की याद.
अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो ने कहा, “हमें संविधान सभा की उस भावना को हमेशा याद रखना चाहिए, जिसमें यह कहा गया था कि हमने इस संविधान के माध्यम से देश की जनता को अपनी तकदीर खुद लिखने की ताकत दी है।” उन्होंने दिशोम गुरु शिबू सोरेन के जल्द स्वस्थ होने की कामना की और उनके राज्य के लिए योगदान को स्मरण किया।
सत्र के दौरान स्पीकर ने पांच सभापतियों — स्टीफन मरांडी, सीपी सिंह, निरल पूर्ति, रामचंद्र सिंह और नीरा यादव — के नामों की घोषणा की। कार्यमंत्रणा समिति में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी समेत कई सदस्य शामिल हैं। दीपक बिरूआ और मथुरा महतो जैसे कई लोगों को विशेष आमंत्रित सदस्य भी नामित किया गया है।
सदन के बाहर गरमाई सियासत SIR और अटल क्लीनिक पर घमासान.
विधानसभा सत्र की शुरुआत के साथ ही सदन के बाहर राजनीतिक माहौल गरमा गया। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए ‘अटल मोहल्ला क्लीनिक’ का नाम बदलकर ‘मदर टेरेसा क्लीनिक’ किए जाने को “राजनीतिक गुंडागर्दी” बताया। उन्होंने कहा कि यह तुष्टिकरण की पराकाष्ठा है और अटल बिहारी वाजपेयी जैसे नेता का अपमान है, जो झारखंड के निर्माता माने जाते हैं।
राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने भी भाजपा के बांग्लादेशी घुसपैठ के आरोपों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा कि पिछली बार भी ऐसे दावे झूठे साबित हुए थे और राज्य में एक भी बांग्लादेशी घुसपैठिया नहीं मिला। उन्होंने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि वह SIR के माध्यम से आम जनता का मतदान अधिकार छीनना चाहती है।
अगले हफ्ते सदन में बढ़ेगी राजनीतिक गरमी.
सत्र का पहला दिन भले ही शोक प्रस्तावों और श्रद्धांजलियों के साथ शांतिपूर्ण रहा हो, लेकिन सदन के बाहर जिस तरह से SIR और नाम परिवर्तन जैसे मुद्दों पर टकराव दिखा, उससे साफ है कि आने वाले दिनों में सदन की कार्यवाही तीखी बहस और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से भरपूर रहने वाली है।







