परवेज़ आलम.
द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.
गिरिडीह : नगर निकाय चुनाव की सरगर्मी के बीच एक बड़ी सियासी खबर सामने आ रही है।
नाम वापसी शुक्रवार को होगी लेकिन उससे पहले ही महागठबंधन में दरार साफ़ दिखाई देने लगी है। मेयर चुनाव को लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा और कांग्रेस आमने-सामने खड़ी नजर आ रही हैं।
दरअसल, दोनों ही दलों ने अपने-अपने समर्थित प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं। जेएमएम ने जहां पार्टी की वरिष्ठ नेता प्रमिला मेहरा को मेयर पद के लिए समर्थन देने का ऐलान किया है, तो वहीं कांग्रेस ने अपने नेता डॉ. समीर राज चौधरी को मैदान में उतार दिया है।
गुरुवार को अलग-अलग जगहों पर हुई प्रेस वार्ताओं में दोनों दलों के जिला अध्यक्षों ने अपने-अपने प्रत्याशियों के नाम का औपचारिक ऐलान किया।
जेएमएम का दावा – विकास के लिए एकजुट हैं कार्यकर्ता
गोयनका सेवा सदन में आयोजित प्रेस वार्ता में जेएमएम जिलाध्यक्ष संजय सिंह ने कहा कि प्रमिला मेहरा शुरू से ही आम लोगों की समस्याओं को गंभीरता से उठाती रही हैं। उनका कहना था कि प्रमिला मेहरा के नेतृत्व में
शहर के विकास को एक नई दिशा मिलेगी और झारखंड मुक्ति मोर्चा पूरी ताकत के साथ उनके समर्थन में मैदान में उतरेगा। इस मौके पर पार्टी के कई वरिष्ठ और युवा कार्यकर्ता मौजूद रहे,
जिनमें अजीत कुमार पप्पू, शाहनवाज अंसारी, सुमन सिन्हा, रॉकी सिंह, अभय सिंह, कृष्ण मुरारी शर्मा, चांद रशीद, टुन्ना सिंह, देवचरण दास, अजय सिंह, दिलीप रजक, सुमित सहित
बड़ी संख्या में जेएमएम कार्यकर्ता शामिल थे।
कांग्रेस का पलटवार – जनहित के मुद्दों को समझते हैं समीर
वहीं दूसरी ओर, अलकापुरी में कांग्रेस ने भी शक्ति प्रदर्शन किया।
मेयर प्रत्याशी सह कांग्रेस नेता डॉ. समीर राज चौधरी के समर्थन में प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। कांग्रेस जिला अध्यक्ष सतीश केडिया ने कहा कि डॉ. समीर राज चौधरी अनुभवी, शिक्षित और जनता के मुद्दों को गहराई से समझने वाले नेता हैं। उनका दावा है कि डॉ. समीर के नेतृत्व में नगर निगम का समुचित विकास होगा और आम लोगों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। इस मौके पर अजय सिन्हा मंटू, मदन लाल विश्वकर्मा, साबिर खान समेत कई कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
बीजेपी ने पहले ही खोल दिया था पत्ता
आपको बता दें कि इससे पहले भारतीय जनता पार्टी ने मेयर पद के लिए
डॉ. शैलेंद्र चौधरी को अपना समर्थित प्रत्याशी घोषित किया था। हालांकि, बीजेपी की इस घोषणा के बावजूद पार्टी से जुड़े नेता कामेश्वर पासवान, प्रकाश कुमार दास और नागेश्वर दास
ने भी नामांकन दाखिल कर दिया है, जिससे मुकाबला और दिलचस्प होता जा रहा है
महागठबंधन में अंदरूनी चुनौती भी बनी सिरदर्द
इतना ही नहीं, कांग्रेस और जेएमएम दोनों के लिए चुनौती अपने ही घर से खड़ी हो गई है।
कांग्रेस के एक और नेता जोगेश्वर महथा पहले ही मेयर पद के लिए नामांकन दाखिल कर चुके हैं। वहीं जेएमएम से जुड़े पप्पू रजक भी मेयर की रेस में अपनी दावेदारी पेश कर चुके हैं।
अब बड़ा सवाल यही है— क्या नाम वापसी से पहले महागठबंधन की यह दरार भरेगी?
या फिर यह चुनावी लड़ाई महागठबंधन के लिए नई मुश्किलें खड़ी करने वाली है?
नगर निगम चुनाव में अब मुकाबला पूरी तरह दिलचस्प हो चुका है— हर निगाह नाम वापसी की तारीख और आगे की सियासी चालों पर टिकी है।






