डाक जीवन बीमा की उपयोगिता और लाभों पर डाक निदेशक ने डाली रोशनी.
By: बिनोद कुमार
Edited: परवेज़ आलम.
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गिरिडीह : नगर भवन गिरिडीह में मंगलवार को डाक विभाग गिरिडीह मंडल की ओर से पीएलआई-आरपीएलआई मेला का आयोजन भव्य रूप से किया गया। इस कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि डाक सेवाएं निदेशक राम विलास चौधरी द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। मेले का उद्देश्य आम नागरिकों को डाक जीवन बीमा योजनाओं की जानकारी देना और उन्हें इससे जोड़ना रहा।
अपने संबोधन में डाक निदेशक राम विलास चौधरी ने कहा कि डाक जीवन बीमा ( – PLI) और ग्रामीण डाक जीवन बीमा (RPLI) योजनाएं केंद्र सरकार द्वारा समर्थित हैं, जिन्हें भारतीय डाक द्वारा राष्ट्रपति की ओर से प्रदान किया जाता है। उन्होंने कहा कि यह योजनाएं केवल बीमा का संरक्षण नहीं देतीं, बल्कि आमजन, खासकर मध्यमवर्गीय परिवारों को कम प्रीमियम में अधिक लाभ देकर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में मदद करती हैं।
डाक निदेशक ने आगे बताया कि जीवन की अनिश्चितताओं के दौर में PLI और RPLI जैसी सरकारी योजनाएं लोगों को सुरक्षा की भावना देती हैं। यह न केवल भरोसेमंद हैं, बल्कि निवेश के लिहाज से भी लाभकारी हैं, क्योंकि इनमें जोखिम कम और लाभ अपेक्षाकृत ज्यादा है।

इस अवसर पर पीएलआई के उप विकास प्रबंधक अमित कुमार ने विस्तार से बताया कि डाक जीवन बीमा की सबसे बड़ी खासियत इसकी गैर-लाभकारी प्रकृति है। इसी कारण, यह अन्य निजी बीमा योजनाओं की तुलना में कम प्रीमियम दरों के बावजूद बेहतर रिटर्न देती है। उन्होंने इसे एक आकर्षक और सुरक्षित निवेश विकल्प बताया।
अमित कुमार ने कहा कि यह योजनाएं केंद्र व राज्य सरकार के कर्मचारियों, सरकारी उपक्रमों में कार्यरत कर्मियों, रक्षा एवं अर्धसैनिक बलों के जवानों, तथा डॉक्टर, इंजीनियर, वकील, चार्टर्ड अकाउंटेंट जैसे पेशेवरों के लिए भी उपलब्ध हैं। देशभर के 1.5 लाख से भी अधिक डाकघरों में पीएलआई की सेवाएं उपलब्ध हैं। कोई भी लाभार्थी किसी भी डाकघर में जाकर प्रीमियम की किस्त जमा कर सकता है, जिससे योजना में शामिल होना और भी सरल हो गया है।
इस अवसर पर कार्यक्रम में डाक विभाग के कर्मियों को उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित भी किया गया। यह कदम कर्मचारियों को प्रेरित करने और सेवा के प्रति उत्साह बढ़ाने की दिशा में एक सकारात्मक पहल के रूप में देखा गया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में डाककर्मी उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख रूप से सहायक डाक अधीक्षक मंटू साव, अभिषेक कुमार (गोमिया सबडिवीजन), सुमन कुमार, डाकपाल अभिषेक कुमार, मनीष कुमार (उत्तरी क्षेत्र), विकास अधिकारी दीपक कुमार, लोकी रविदास, सुखदेव कुमार, संजीव देव, संजय सिंह, जियाजी, अवधेश वर्मा, अनिल कुमार, उपडाकपाल व शाखा डाकपाल शामिल थे।
कार्यक्रम की समाप्ति पर डाक निदेशक ने सभी डाककर्मियों से अपील की कि वे इन योजनाओं की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाएं, ताकि देश के अधिक से अधिक नागरिक इन भरोसेमंद और लाभकारी योजनाओं से जुड़कर आर्थिक रूप से सुरक्षित भविष्य की ओर कदम बढ़ा सकें।







