द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.
रांची: झारखंड सरकार ने राज्य के मंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के वरिष्ठ नेता रामदास सोरेन के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए 16 अगस्त, शुक्रवार को पूरे राज्य में राजकीय शोक की घोषणा की है। सरकार के आदेश के मुताबिक इस दिन पूरे राज्यभर के सभी सरकारी कार्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों और उन सभी भवनों पर, जहां नियमित रूप से राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाता है, तिरंगा अधमस्तूल (आधे झुके) रहेगा।
इसके अलावा, शोक की अवधि में कोई भी सरकारी उत्सव, सांस्कृतिक कार्यक्रम या औपचारिक आयोजन नहीं किए जाएंगे। यह निर्णय राज्य सरकार ने मंत्री रामदास सोरेन के योगदान और उनके सम्मान में लिया है।
गौरतलब है कि 15 अगस्त की देर रात रामदास सोरेन का दिल्ली के इंद्रप्रस्थ स्थित अपोलो अस्पताल में निधन हो गया। वे पिछले दो हफ्तों से गंभीर रूप से बीमार थे।
- 2 अगस्त की सुबह करीब 4:30 बजे वे जमशेदपुर के घोड़ाबांधा स्थित अपने आवास के बाथरूम में गिर पड़े।
- तत्काल उन्हें टाटा मोटर्स अस्पताल ले जाया गया, जहां सीटी स्कैन में ब्रेन स्ट्रोक की पुष्टि हुई।
- हालत नाजुक देख उन्हें उसी दिन एयरलिफ्ट कर दिल्ली अपोलो अस्पताल ले जाया गया।
दिल्ली पहुंचने के बाद से ही उन्हें लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रखा गया। उनकी स्थिति को देखते हुए दिल्ली के डॉक्टरों के साथ-साथ मुंबई और चेन्नई से भी विशेषज्ञों की टीम बुलाई गई थी। इतना ही नहीं, अमेरिका के चिकित्सकों से भी लगातार सलाह ली जा रही थी।
इसके बावजूद डॉक्टर उनकी स्थिति को स्थिर नहीं कर पाए। गंभीर परिस्थितियों को देखते हुए डॉक्टर सर्जरी का निर्णय भी नहीं ले पाए। अंततः 15 अगस्त की रात करीब 11:30 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली।
राजनीतिक और सामाजिक जीवन.
रामदास सोरेन झारखंड सरकार में स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग और निबंधन विभाग के मंत्री थे। वे झारखंड की राजनीति में एक सक्रिय और महत्वपूर्ण चेहरा माने जाते थे। उनकी सादगी और कार्यशैली के कारण वे कार्यकर्ताओं और जनता के बीच विशेष पहचान रखते थे।
उनके निधन से न केवल झारखंड मुक्ति मोर्चा, बल्कि पूरे राज्य की राजनीति को गहरी क्षति पहुंची है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सहित राज्य के तमाम राजनीतिक दलों के नेताओं ने गहरा शोक व्यक्त किया है ।







