HomeJharkhandGiridihउदनाबाद-गांडेय मार्ग पर उसरी नदी पुल क्षतिग्रस्त, बड़े वाहनों का परिचालन ठप

उदनाबाद-गांडेय मार्ग पर उसरी नदी पुल क्षतिग्रस्त, बड़े वाहनों का परिचालन ठप

द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

गिरिडीह : जिला मुख्यालय से सटे उदनाबाद होते हुए गांडेय और जामताड़ा को जोड़ने वाले उसरी नदी पर बने पुराने पुल की हालत इन दिनों बेहद जर्जर हो चुकी है। पुल के ऊपर के कई पायों (pillars) में दरारें पड़ने और कुछ हिस्सों के धंस जाने के कारण प्रशासन ने बड़े वाहनों के परिचालन पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। इससे स्थानीय लोगों और व्यापारियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।

यह पुल झारखंड की दो प्रमुख राजनीतिक हस्तियों — राज्य के मंत्री एवं गिरिडीह विधायक सुदीव्य कुमार सोनू और गांडेय विधायक डॉ. कल्पना सोरेन मुर्मू — के क्षेत्र को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग है। यही पुल हजारों ग्रामीणों, विद्यार्थियों, किसानों और व्यापारियों के लिए जीवनरेखा की तरह काम करता रहा है।

20 साल पुराना पुल, अब बदहाल स्थिति में.

इस पुल का निर्माण लगभग 20 से 21 वर्ष पूर्व, तत्कालीन मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा के शासनकाल में कराया गया था। शुरुआती वर्षों में यह पुल मजबूत और सुरक्षित माना जाता था। लेकिन समय के साथ मरम्मत और देखरेख की अनदेखी ने इसकी स्थिति को बेहद खतरनाक बना दिया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि भारी मालवाहक ट्रकों के लगातार दबाव से पुल की नींव कमजोर पड़ गई है। अब पिलरों में दरारें दिखने लगी हैं और कुछ हिस्से धंसने भी लगे हैं.

 जनजीवन पर असर और दुर्घटना की आशंका.

पुल क्षतिग्रस्त होने से गिरिडीह-गांडेय-जामताड़ा मार्ग पर बड़े वाहनों का परिचालन रुक गया है। नतीजतन व्यापारिक गतिविधियाँ और आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि वैकल्पिक मार्ग न होने से छोटे वाहनों और पैदल यात्रियों को भी अब जोखिम उठाकर इसी पुल से गुजरना पड़ रहा है। इससे कभी भी बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है।

सामाजिक कार्यकर्ता ने जताई चिंता.

सामाजिक कार्यकर्ता दीपक उपाध्याय ने इस गंभीर स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए क्षेत्र के दोनों जनप्रतिनिधियों — मंत्री सुदीव्य कुमार सोनू और विधायक कल्पना सोरेन मुर्मू — से तत्काल हस्तक्षेप की अपील की है।
उन्होंने कहा कि “जनहित में आवश्यक है कि विभाग के विशेषज्ञ इंजीनियरों से पुल की तकनीकी जाँच कराई जाए और मरम्मत अथवा पुनर्निर्माण की प्रक्रिया जल्द शुरू हो, अन्यथा कभी भी अनहोनी हो सकती है।”

शीघ्र हो पहल.

क्षेत्रवासियों का कहना है कि यह पुल न केवल गिरिडीह-गांडेय को जोड़ता है, बल्कि जामताड़ा और आसपास के कई ग्रामीण इलाकों के लिए भी एक प्रमुख मार्ग है।
लोगों की अपेक्षा है कि राज्य सरकार शीघ्र इस पुल की मरम्मत या पुनर्निर्माण की घोषणा करे, ताकि आवागमन सामान्य हो सके और संभावित हादसों से बचा जा सके।

 

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