द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.
रांची/गिरिडीह : झारखंड में राजनीतिक माहौल गुरुवार को गरमा गया जब भाजपा ने सामाजिक-राजनीतिक कार्यकर्ता सूर्या हांसदा की कथित साजिशन हत्या की सीबीआई जांच और नगड़ी में रैयतों की खेतीहर जमीन को रिम्स-2 के नाम पर अधिग्रहित किए जाने के विरोध में राज्यभर में आक्रोश प्रदर्शन किया।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. रविंद्र कुमार राय, केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी, पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश, सांसद आदित्य साहू समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने विभिन्न जिलों और प्रखंडों में अलग-अलग प्रदर्शन का नेतृत्व किया।

मरांडी ने सरकार पर लगाया गंभीर आरोप.
रांची महानगर भाजपा द्वारा आयोजित विरोध सभा को संबोधित करते हुए बाबूलाल मरांडी ने कहा,
“अबुआ सरकार में आदिवासियों की हत्या और रैयतों की खेतिहर जमीन की लूट चरम पर है। सूर्या हांसदा जैसे ईमानदार और जनसेवी कार्यकर्ता को माफियाओं की मिलीभगत से मार गिराया गया।”
मरांडी ने बताया कि सूर्या हांसदा लोकतांत्रिक तरीके से अब तक चार बार चुनाव लड़ चुके थे और कई मुकदमों से बरी हो रहे थे। वे गरीब और जरूरतमंद बच्चों को पढ़ाते, उनके रहने और खाने का इंतज़ाम करते थे। खनिज माफियाओं की लूट का विरोध करना ही उनकी सबसे बड़ी “गलती” थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार की शह पर फर्जी एनकाउंटर कर सूर्या की हत्या की गई। इसलिए भाजपा की मांग है कि इस पूरे मामले की सीबीआई जांच कराई जाए।
मरांडी ने नगड़ी की जमीन के मुद्दे पर कहा कि बिहार सरकार के समय स्पष्ट आश्वासन दिया गया था कि रैयतों की खेतीहर भूमि अधिग्रहित नहीं की जाएगी। “लेकिन मौजूदा हेमंत सरकार किसानों से जबरन जमीन छीन रही है। भाजपा रैयतों के साथ खड़ी है और इस अन्याय के खिलाफ सरकार को चेतावनी देती है,” उन्होंने कहा।
गिरिडीह में नवीन जायसवाल ने प्रदर्शन का नेतृत्व किया। प्रदेश उपाध्यक्ष विकास प्रीतम जिला अध्यक्ष महादेव दुबे, प्रदेश भाजपा नेता सुरेश साव , सांसद प्रतिनिधि दिनेश यादव , चुननु कान्त, विनय सिंह,सुभाष सिन्हा समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ताओं की मौजूदगी रही और नारेबाजी से माहौल पूरी तरह सरकार विरोधी बना रहा।

रघुवर दास ने सरकार को दी चेतावनी.
कांके में प्रदर्शन का नेतृत्व करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने सूर्या हांसदा की मौत को “फर्जी एनकाउंटर” करार दिया। उन्होंने कहा,
“जब पूरा झारखंड शिबू सोरेन जी के निधन से शोकाकुल था, उसी समय सरकार ने एक ईमानदार आदिवासी युवक की हत्या कर दी। पुलिस का दावा है कि 40-50 लोगों के दस्ते ने हमला किया था, लेकिन गोली केवल सूर्या हांसदा को ही लगी। यही इस एनकाउंटर के फर्जी होने का सबसे बड़ा सबूत है।”
दास ने अपने कार्यकाल की तुलना करते हुए कहा कि उनके समय में कई मेडिकल कॉलेज और अस्पताल बनाए गए, लेकिन खेतीहर भूमि को कभी नहीं छीना गया।
“हेमंत सरकार ने रैयतों की जमीन रिम्स-2 के नाम पर बेच डाली है। आज का आंदोलन प्रतीकात्मक है। अगर सरकार ने सबक नहीं लिया तो जनता को गोलबंद कर व्यापक जनांदोलन खड़ा किया जाएगा। भ्रष्टाचार और बेरोजगारी से त्रस्त झारखंड के युवा चुप नहीं बैठेंगे और इस सरकार को उखाड़ फेंकेंगे।”







