बंगाल-बिहार के नेटवर्क से जुड़ी थी सप्लाई चेन, दो गिरफ्तार, मुख्य आरोपी फरार
Key points:
🔗 बोकारो में पकड़ी गई गन फैक्ट्री, बांग्लादेश तक होती थी हथियारों की सप्लाई.
🔗 धनबाद में भी पकड़े गए थे अवैध हथियार, बंगाल और बिहार कनेक्शन उजागर.
By The News Post4U | परवेज़ आलम | 20 जून 2025
झारखंड के बोकारो जिले में सुरक्षा एजेंसियों को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। कोलकाता एसटीएफ और रांची एटीएस की संयुक्त कार्रवाई में बेरमो अनुमंडल क्षेत्र के जरीडीह बाजार स्थित एक पुराने व्यवसायिक परिसर में चल रही अवैध गन फैक्ट्री का पर्दाफाश किया गया है। इस छापेमारी में हथियार निर्माण से जुड़ा बड़ा नेटवर्क सामने आया है, जिसकी डोरें बिहार से लेकर बांग्लादेश तक फैली हुई थीं।
मैरेज हॉल की आड़ में चल रहा था हथियारों का कारखाना.
यह अवैध फैक्ट्री जरीडीह पश्चिमी पंचायत अंतर्गत कलाली रोड पर स्थित ‘कावेरी मैरेज पैलेस’ और उसके ठीक सामने स्थित एक गोदाम में संचालित की जा रही थी। छापेमारी के दौरान वहां से बड़ी संख्या में अर्धनिर्मित हथियार, उनके पुर्जे, हथियार निर्माण में उपयोग की जाने वाली लेथ मशीन, कच्चा माल और करीब 50 कार्टून अवैध शराब जब्त की गई है। इस पूरी कार्रवाई में यह भी सामने आया है कि उक्त स्थल पर लंबे समय से हथियार निर्माण का काम चल रहा था और इसे कबाड़ व्यवसाय की आड़ में छुपाया गया था।
बिहार से लाए गए थे कुशल कारीगर.
फैक्ट्री में काम कर रहे दो हथियार बनाने वाले कारीगरों को गिरफ्तार किया गया है, जिनकी पहचान बिहार के मुंगेर और खगड़िया जिलों के रहने वाले के रूप में हुई है। दोनों ही इस अवैध धंधे में प्रशिक्षित और तकनीकी दक्षता रखते हैं। वहीं इस पूरे ऑपरेशन का मास्टरमाइंड और मैरेज हॉल का संचालक सूरज साव मौके से फरार हो गया है। उसकी गिरफ्तारी के लिए देर रात तक छापेमारी जारी रही।
इंटरस्टेट और इंटरनेशनल नेटवर्क की पुष्टि.
सूत्रों के अनुसार यह गन फैक्ट्री सिर्फ स्थानीय स्तर पर ही नहीं बल्कि अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी हथियारों की आपूर्ति में शामिल थी। बंगाल में हाल ही में जब्त किए गए अवैध हथियारों के बाद एसटीएफ ने इस नेटवर्क को ट्रैक करते हुए बोकारो के इस ठिकाने तक पहुंच बनाई। बताया जा रहा है कि इस नेटवर्क के जरिए तैयार हथियारों की सप्लाई बांग्लादेश जैसे देशों तक भी की जा रही थी।
लंबे समय से चल रही थी खुफिया निगरानी.
कोलकाता एसटीएफ और रांची एटीएस की टीमें बीते दो-तीन दिनों से गुप्त रूप से इस क्षेत्र में जमी हुई थीं और संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी रख रही थीं। जैसे ही ठोस जानकारी प्राप्त हुई, दोनों टीमों ने स्थानीय पुलिस—बेरमो थाना और गांधीनगर थाना के सहयोग से एक सुनियोजित तरीके से छापा मारा। चारों ओर से इलाके को घेर कर मैरेज हॉल और गोदाम में एक साथ दबिश दी गई।
पहले भी महुदा में हुई थी बरामदगी.
गौरतलब है कि इससे पहले भी 15 दिन पूर्व इसी एसटीएफ टीम ने धनबाद के महुदा थाना क्षेत्र में भारी मात्रा में अवैध हथियार बरामद किए थे। उस कार्रवाई से मिले सुरागों को जोड़ते हुए अब यह बोकारो ऑपरेशन अंजाम दिया गया, जिससे इस बड़े नेटवर्क की परतें खुलने लगी हैं।
सुरक्षा एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क की तह तक पहुंचने में जुट गई हैं। गिरफ्तार कारीगरों से पूछताछ की जा रही है और फरार मुख्य आरोपी सूरज साव की गिरफ्तारी के लिए कई जगहों पर दबिश दी जा रही है। इस मामले में और भी खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।







