– कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट.
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रांची: बंगाल की खाड़ी में बन रहे चक्रवातीय सिस्टम के कारण झारखंड में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के कई जिलों में 14 जुलाई से 16 जुलाई तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। कुछ जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट और कुछ के लिए येलो अलर्ट घोषित किया गया है। इस दौरान तेज हवाएं चलने, बिजली गिरने और जलजमाव की आशंका भी जताई गई है।
किन जिलों में कब और कितनी बारिश का अनुमान?
मौसम विभाग के अनुसार 15 जुलाई को उत्तरी और पश्चिमी झारखंड, खासकर पलामू, गढ़वा, चतरा जिलों में मूसलधार बारिश की संभावना जताई गई है।
- कुछ क्षेत्रों में 120 से 200 मिमी तक बारिश हो सकती है।
- अन्य जिलों में 70 से 110 मिमी तक वर्षा की संभावना है।
कम दबाव का क्षेत्र बना कारण.
मौसम विभाग का कहना है कि बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिमी हिस्से और उत्तरी ओडिशा तथा पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों में एक कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इसका प्रभाव झारखंड के मौसम पर साफ दिखाई दे रहा है। इसके चलते 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। लोगों से अपील की गई है कि वे बिना जरूरी कारण के घरों से बाहर न निकलें और खुले स्थानों पर बिजली गिरने से बचें।
अभी तक सामान्य से 61% अधिक वर्षा.
राज्य में इस मानसून सीज़न में अब तक 61% अधिक वर्षा दर्ज की गई है। मौसम विभाग के मुताबिक, झारखंड में अब तक औसतन 510 मिमी बारिश हो चुकी है, जबकि सामान्य तौर पर इस समय तक सिर्फ 316 मिमी बारिश होती है। राजधानी रांची में हालात और भी ज्यादा चौंकाने वाले हैं—जहां सामान्य रूप से 327 मिमी बारिश होती है, वहां इस बार अब तक 779 मिमी बारिश दर्ज की गई है।
जनता से अपील: अलर्ट का पालन करें, सतर्क रहें.
प्रशासन और मौसम विभाग ने आमजन से अपील की है कि वे मौसम की ताज़ा जानकारी पर नज़र बनाए रखें, मोबाइल अलर्ट्स और रेडियो/टीवी की सूचनाओं पर ध्यान दें। निचले इलाकों में जलजमाव से बचने और बिजली की स्थिति पर सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
यह लगातार हो रही बारिश जहां किसानों के लिए लाभदायक साबित हो रही है, वहीं आम जनजीवन को इससे भारी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। यदि यह सिलसिला यूं ही जारी रहा, तो आने वाले दिनों में बाढ़ जैसी स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है।







