— अपडेटेड साइबर अलर्ट.
परवेज़ आलम.
The News Post4U के लिए रिपोर्ट.
रांची/नई दिल्ली: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रविवार को एक चौंकाने वाला खुलासा करते हुए कहा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) का आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल @JmmJharkhand हैक कर लिया गया है। उन्होंने इस साइबर हमले के लिए “असामाजिक तत्वों” को जिम्मेदार ठहराया है और इस मामले को गंभीरता से लेते हुए झारखंड पुलिस और सोशल मीडिया कंपनी X (पूर्व में ट्विटर) से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

गौरतलब है कि इस वक्त मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपने पिता और पार्टी के संस्थापक शिबू सोरेन के इलाज के सिलसिले में दिल्ली में हैं। इसी दौरान उन्होंने अपने व्यक्तिगत ‘X’ अकाउंट से एक पोस्ट साझा कर यह गंभीर सूचना सार्वजनिक की।
उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा —
“झामुमो का आधिकारिक X हैंडल @JmmJharkhand असामाजिक तत्वों द्वारा हैक कर लिया गया है। झारखंड पुलिस इस पर संज्ञान ले और शीघ्र जांच कर आवश्यक कार्रवाई करे। @XCorpIndia कृपया आप भी इस पर ध्यान दें।”
मुख्यमंत्री की इस प्रतिक्रिया के बाद झारखंड पुलिस को मामले में तकनीकी जांच शुरू करने का निर्देश भी दे दिया गया है।
क्या पोस्ट किया है हैकरों ने?
हैक होने के कुछ ही समय बाद JMM के आधिकारिक X हैंडल से जो पहली पोस्ट साझा की गई, उसमें एक गिलहरी जैसी फोटो के साथ एक क्रिप्टोकरेंसी भुगतान पता (crypto wallet address) और संदेश लिखा था — “LIVE ON BONK”।
इससे अंदेशा लगाया जा रहा है कि यह एक क्रिप्टो स्कैम ग्रुप का काम हो सकता है, जिसका मकसद अकाउंट हैक कर पब्लिसिटी और आर्थिक लाभ उठाना होता है।
एलन मस्क के X पर बड़ा साइबर हमला.
यह मामला इसलिए भी गंभीर है क्योंकि झारखंड मुक्ति मोर्चा का यह हैंडल सोशल मीडिया पर खासा सक्रिय रहता है और इसके 2 लाख से अधिक फॉलोअर्स हैं।
‘X’ (पूर्व में ट्विटर) अब टेस्ला और स्पेसX के मालिक एलन मस्क के अधीन है। हेमंत सोरेन ने खुद X कॉर्पोरेशन को टैग करते हुए तकनीकी हस्तक्षेप की मांग की है ताकि हैकर्स को रोका जा सके और पार्टी की डिजिटल सुरक्षा सुनिश्चित हो।
झारखंड की राजनीति के लिए चेतावनी.
विशेषज्ञ मानते हैं कि इस तरह का साइबर हमला केवल एक डिजिटल उल्लंघन नहीं है, बल्कि यह राजनीतिक दलों की साइबर सुरक्षा में भारी खामी को उजागर करता है।
झामुमो के आधिकारिक हैंडल को हैक किया जाना न सिर्फ पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचा सकता है, बल्कि इससे राजनीतिक सूचनाओं के दुरुपयोग की भी आशंका बढ़ जाती है।
झारखंड पुलिस की साइबर शाखा ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है। वहीं X कॉर्प की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
हेमंत सोरेन और उनकी पार्टी उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द ही हैंडल को सुरक्षित कर लिया जाएगा और दोषियों को चिन्हित कर कड़ी सजा दी जाएगी।








