परवेज़ आलम
झारखंड विधानसभा चुनावमें 10 सीटों पर दांव लगाने वाली आजसू पार्टी को इस बार सिर्फ एक सीट पर जीत मिली। लेकिन उनके इकलौते विधायक निर्मल महतो ने राजनीति के गलियारों में हलचल मचा दी है। जीत के बाद सोशल मीडिया पर उनका एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वह अपनी सीट छोड़ने की बात कर रहे हैं।
निर्मल महतो की सीट छोड़ने की पेशकश
निर्मल महतो, जिन्होंने मांडू विधानसभा सीट से जीत हासिल कर आजसू पार्टी का खाता खोला, अब चाहते हैं कि उनकी सीट से पार्टी सुप्रीमो सुदेश महतो चुनाव लड़ें। वीडियो में उन्होंने कहा,
“झारखंड विधानसभा में सुदेश महतो जैसी शख्सियत की जरूरत है। वे जिस अंदाज में जनता के मुद्दे उठाते हैं, वैसा कोई दूसरा नेता नहीं करता। मैं स्वेच्छा से अपनी सीट उनके लिए छोड़ने को तैयार हूं।”
निर्मल महतो ने अपनी जीत का श्रेय क्षेत्र की जनता, सुदेश महतो, और एनडीए के सहयोगी दलों के नेताओं को दिया। उन्होंने कहा कि जल्द ही वह सुदेश महतो से मुलाकात करेंगे और उनसे आग्रह करेंगे कि वे मांडू से चुनाव लड़ें।
जनता से भी की अपील
निर्मल महतो ने जनता से भी अनुरोध किया कि वे सुदेश महतो को मांडू से जिताकर विधानसभा भेजें। उन्होंने कहा कि झारखंड विधानसभा में आजसू पार्टी की ताकत बढ़ाने और जनता की आवाज बुलंद करने के लिए यह जरूरी है।
आजसू पार्टी का प्रदर्शन
इस बार के झारखंड विधानसभा चुनाव में आजसू पार्टी को उम्मीद के मुताबिक सफलता नहीं मिली। 10 सीटों पर लड़ने के बाद केवल मांडू से जीत मिली। निर्मल महतो की जीत के साथ ही पार्टी ने विधानसभा में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, लेकिन इस वीडियो बयान ने पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों को हैरान कर दिया है।
क्या कहते हैं राजनीतिक समीक्षक?
निर्मल महतो के इस कदम को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। कुछ इसे उनकी निष्ठा और समर्पण का उदाहरण मानते हैं, तो कुछ इसे राजनीतिक रणनीति का हिस्सा बता रहे हैं।
क्या सचमुच सुदेश महतो मांडू से चुनाव लड़ेंगे?
क्या आजसू पार्टी अपने इकलौते विधायक को इस्तीफा देने देगी?
इन सवालों के जवाब जल्द सामने आएंगे, लेकिन इतना तो तय है कि निर्मल महतो के इस बयान ने झारखंड की राजनीति को एक नई दिशा दे दी है।







