लायंस क्लब ऑफ गिरिडीह जागृति ने ने किया आयोजन.
द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.
गिरिडीह: सामाजिक सरोकार और जनसेवा की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए लायंस क्लब ऑफ गिरिडीह जागृति ने शनिवार को दो महत्वपूर्ण स्वास्थ्य कार्यक्रमों का आयोजन किया। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य ग्रामीण एवं वंचित वर्ग को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ नि:शुल्क उपलब्ध कराना था। इस कार्यक्रम मे विशेष रूप से गिरिडीह लायंस क्लब एलिट के अधयक्ष दशरथ प्रसाद उपस्थित थे ।
नेत्र जांच और मोतियाबिंद ऑपरेशन शिविर.
पहला कार्यक्रम नि:शुल्क नेत्र जांच एवं मोतियाबिंद ऑपरेशन शिविर था, जिसे भगवान महावीर आई हॉस्पिटल, रांची के सहयोग से आयोजित किया गया।
- स्थान: मध्य विद्यालय, हरलाडीह, पंचायत-चिरकी।
- सेवाएँ: शिविर में अनुभवी नेत्र रोग विशेषज्ञों ने सैकड़ों ग्रामीणों की आँखों की जांच की। मरीजों को मुफ्त परामर्श, दवाइयाँ, चश्मे उपलब्ध कराए गए और मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए चयन भी किया गया।
- सुविधाएँ: चयनित मरीजों को अस्पताल में ऑपरेशन के साथ-साथ भोजन, ठहरने की व्यवस्था और दवाइयाँ पूरी तरह नि:शुल्क प्रदान की जाएंगी।

डायबिटीज़ और ब्लड प्रेशर जांच शिवि.र
दूसरे कार्यक्रम में डायबिटीज़ अवेयरनेस एवं हेल्थ चेकअप कैंप का आयोजन किया गया।
- विशेषज्ञ डॉक्टरों ने मधुमेह की रोकथाम, नियमित जांच की आवश्यकता, संतुलित आहार और जीवनशैली में सुधार जैसे विषयों पर विस्तार से जानकारी दी।
- सभी उपस्थित लोगों का ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर टेस्ट नि:शुल्क किया गया।
आयोजन में योगदान और उपस्थिति.
- संयोजक: एमजेएफ अनिता गुप्ता एवं शालिनी बैसखियार।
- मुख्य अतिथि: पीएमजेएफ कमल जैन (पूर्व जिलापाल)।
- विशेष सहयोग: रतन गुप्ता।
- उल्लेखनीय योगदान: डॉ. मेघा सिंह (मधुमेह जांच) और हरिश दोशी (नेत्र जांच)।
- उपस्थित पदाधिकारी: क्लब अध्यक्ष नीलम भदानी, संगीता बैसखियार, सुषमा गुप्ता, मीना गुप्ता, रागिनी, मुक्ता, रीना सिंह, सरिता बरनवाल, बिन्नी साओ सहित कई सक्रिय सदस्य।

ग्रामीणों में उत्साह.
इस स्वास्थ्य शिविर का लाभ उठाने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित हुए। जांच के बाद उन्हें मुफ्त परामर्श और आवश्यक चिकित्सा सुविधाएँ प्रदान की गईं।
भविष्य की योजना.
लायंस क्लब ऑफ गिरिडीह जागृति की ओर से बताया गया कि समाजहित में ऐसे स्वास्थ्य शिविर भविष्य में भी लगातार आयोजित किए जाएंगे। क्लब का उद्देश्य है कि ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र के वंचित और जरूरतमंद लोगों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ निःशुल्क उपलब्ध कराई जा सकें।







