गिरिडीह: समाज में शांति, सुरक्षा और कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने में मीडिया की भूमिका को रेखांकित करते हुए शनिवार को पुलिस केंद्र गिरिडीह स्थित सभागार में पुलिस–मीडिया संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम पुलिस और प्रेस के बीच सहयोग, विश्वास और पारदर्शिता को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।
पुलिस अधीक्षक, गिरिडीह डॉ बिमल कुमार की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में जिले के प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया से जुड़े बड़ी संख्या में पत्रकारों ने सहभागिता की। सभागार में सकारात्मक संवाद और आपसी समन्वय का माहौल देखने को मिला।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पुलिस अधीक्षक ने बीते समय में जिले में संपन्न हुए विभिन्न पर्व-त्योहारों को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने में मीडिया के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि समय पर, तथ्यात्मक और जिम्मेदार रिपोर्टिंग ने न केवल अफवाहों पर रोक लगाई, बल्कि आम जनता में जागरूकता भी बढ़ाई।
इस अवसर पर जिले में उत्कृष्ट रिपोर्टिंग और जन-जागरूकता फैलाने वाले पत्रकारों को पुलिस अधीक्षक द्वारा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया, जिससे पत्रकारों का उत्साह और मनोबल बढ़ा।
कार्यक्रम के दौरान पुलिस और मीडिया के बीच एक खुला संवाद सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें पत्रकारों ने जिले में विधि-व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। साथ ही उन्होंने आश्वस्त किया कि मीडिया अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए जनहित में जागरूकता फैलाने का कार्य लगातार करता रहेगा।
पत्रकारों को संबोधित करते हुए पुलिस अधीक्षक ने कहा—
“मीडिया लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है। गिरिडीह पुलिस आपकी निर्भीकता और निष्पक्ष पत्रकारिता का सम्मान करती है। हमारा उद्देश्य ऐसा वातावरण बनाना है, जहाँ पुलिस और प्रेस मिलकर जिले को अपराध-मुक्त और सुरक्षित बना सकें।”
इस तरह के संवादात्मक कार्यक्रमों से पुलिस और पत्रकारों के बीच आपसी विश्वास, समन्वय और सहयोग और अधिक मजबूत होगा, जिसका सीधा लाभ आम जनता को मिलेगा।







