स्थानीय यात्रियों का कहना – “हर दिन हजारों लोग परेशान, अब समय आ गया है कि रेल मंत्रालय हमारी आवाज सुने”
द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.
गिरिडीह : सलैया स्टेशन पर प्रमुख ट्रेनों का ठहराव दिलाने की मांग अब जोर पकड़ चुकी है। इसी मुद्दे को लेकर सलैया रेल पैसेंजर यूनियन का प्रतिनिधि मंडल हाल ही में भाजपा नेत्री श्रीमती शालिनी बैसखियार के नेतृत्व में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मिला। यूनियन ने मांग रखी कि गोड्डा–नई दिल्ली एक्सप्रेस और हटिया–आसनसोल इंटरसिटी ट्रेनों को न्यू गिरिडीह के साथ-साथ सलैया स्टेशन पर भी ठहराया जाए। साथ ही, गिरिडीह से कोलकाता तक सीधी ट्रेन सेवा उपलब्ध कराई जाए और उसका ठहराव भी सलैया में दिया जाए। शालिनी बैसखियार सोमवार को गिरिडीह मे मीडिया से मुखातिब थी । 
यात्रियों की दुश्वारी.
शालिनी बैसखियार ने बताया कि सलैया और आसपास के कस्बों से प्रतिदिन हजारों यात्री पढ़ाई, नौकरी और व्यापार के लिए दिल्ली, कोलकाता तथा रांची जैसे शहरों की यात्रा करते हैं।
- लेकिन ट्रेन ठहराव न होने से उन्हें मजबूरन न्यू गिरिडीह या पारसनाथ स्टेशन तक जाना पड़ता है।
- इससे यात्रा का समय 2 से 3 घंटे तक बढ़ जाता है और अतिरिक्त खर्च भी उठाना पड़ता है।
- विद्यार्थी वर्ग ने कहा कि परीक्षा और एडमिशन के समय यह समस्या और भी गंभीर हो जाती है।
रेल मंत्री ने सुनी समस्या.
रेल मंत्री ने इस मुद्दे को गंभीरता से सुना और कहा कि सलैया जैसे छोटे लेकिन महत्वपूर्ण स्टेशन पर ठहराव के लिए सभी पहलुओं पर विचार किया जाएगा। उन्होंने प्रतिनिधि मंडल को भरोसा दिलाया कि यात्रियों की सुविधा और क्षेत्रीय विकास को ध्यान में रखते हुए उचित निर्णय लिया जाएगा।
यूनियन की भूमिका और अब तक का संघर्ष.
यूनियन के सक्रिय सदस्य गौतम सोनी ने बताया –
“ट्रेनों का परिचालन शुरू होने के साथ ही हमने यह मांग उठाई थी। कई बार स्थानीय विधायक, सांसद और रेलवे अधिकारियों को आवेदन सौंपे, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इस बार भाजपा नेत्री शालिनी बैसखियार की पहल से हमें रेल मंत्री से मिलने का मौका मिला और हमने अपनी बात सीधे उनके सामने रखी।”
बैठक में शामिल प्रतिनिधि.
प्रेसवार्ता में गौतम सोनी, निशु सिंह, आयुष कुमार कंधवे, रवि डालमिया, बिरेंद्र पांडेय, अमित साहू, मिथिलेश पांडेय, अमित छपरिया, तुलसी राणा, रवि पांडा, किसफिल अहमद, संतोष पांडेय, मुकेश चंद्रवंशी, प्रमोद कंधवे, डब्लू (मेहताब मिर्ज़ा), अनुभव और सुंदर समेत कई लोग उपस्थित थे। अब यह मसला क्षेत्र के यात्रियों और व्यापारियों के जनजीवन से जुड़ा हुआ बन चुका है। यूनियन का कहना है कि अगर मांग जल्द नहीं मानी गई तो आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ सकता है।







