दिशोम गुरु शिबू सोरेन की अंतिम यात्रा: नेमरा गांव में होगा अंतिम संस्कार

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परवेज़ आलम.

The News Post4u.

झारखंड आंदोलन के पुरोधा, आदिवासी अस्मिता के प्रतीक और “दिशोम गुरु” के नाम से पहचाने जाने वाले शिबू सोरेन अब हमारे बीच नहीं हैं। उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया है, लेकिन उनके विचार, संघर्ष और सिद्धांत झारखंड की धरती पर अमर रहेंगे।

विधानसभा परिसर में दी गई अंतिम श्रद्धांजलि.

राज्य की राजधानी रांची के विधानसभा परिसर में जब शिबू सोरेन का पार्थिव शरीर लाया गया, तो पूरा परिसर शोक और सम्मान में डूब गया।

विधानसभा में गॉड ऑफ ऑनर.

झारखंड विधानसभा परिसर में उन्हें राजकीय सम्मान (गॉड ऑफ ऑनर) दिया गया।
राज्यपाल, मुख्यमंत्री, केंद्र व राज्य सरकार के मंत्री, सांसद, विधायक और हजारों आम नागरिक उन्हें अंतिम बार श्रद्धांजलि देने पहुंचे। शोकाकुल वातावरण में ‘दिशोम गुरु अमर रहें’ के नारों ने माहौल को और भी भावुक बना दिया।

नेमरा गांव में अंतिम संस्कार की तैयारी

रामगढ़ के नेमरा गांव, जहां से शिबू सोरेन की जीवन यात्रा शुरू हुई थी, वहीं आज दोपहर 3 बजे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। यह वही गांव है, जहां एक 15 वर्षीय बालक ने अपने पिता की हत्या के बाद अन्याय के खिलाफ लड़ने की प्रतिज्ञा ली थी – और यहीं से झारखंड आंदोलन का बीज अंकुरित हुआ था।

हेमंत सोरेन की भावुक पोस्ट:

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, जो खुद शिबू सोरेन के बेटे हैं, ने सोशल मीडिया पर लिखा –

“मैं अपने जीवन के सबसे कठिन दिनों से गुजर रहा हूँ। मेरे सिर से सिर्फ पिता का साया नहीं, झारखंड की आत्मा का एक स्तंभ चला गया।”

उन्होंने यह भी कहा:

“मैं उन्हें सिर्फ बाबा नहीं कहता था। वे मेरे पथप्रदर्शक थे। मेरे विचारों की जड़ें उन्हीं से थीं। वो उस घने जंगल जैसे थे, जिसकी छांव ने हजारों-लाखों झारखंडियों को अन्याय की धूप से बचाया।”

अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब.

शिबू सोरेन की अंतिम यात्रा जब नेमरा गांव के लिए रवाना हुई, तो सड़क के दोनों किनारों पर जनसागर उमड़ पड़ा। लोग बस एक झलक पाने के लिए घंटों इंतजार करते रहे।
हर कोने से उठती आवाज़ – “गुरुजी अमर रहें” – उनके प्रति लोगों के प्रेम और श्रद्धा को दर्शा रही थी।

देश भर से आए राजनेता.

इस दुखद घड़ी में देशभर से राजनीतिक हस्तियों ने शिबू सोरेन को श्रद्धांजलि दी।
विपक्ष के नेता राहुल गांधी, काँग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे सांसद पप्पू यादव, संजय सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन, मंत्री सुदिव्य कुमार,  फुरकान अंसारी, समेत कई दिग्गज नेता अंतिम संस्कार में शामिल होने पहुंचे हैं

ओरमांझी में भी श्रद्धांजलि.

रांची के ओरमांझी स्थित लाल बहादुर शास्त्री चौक पर भी भारी संख्या में लोग जुटे।
पूर्व सांसद रामटहल चौधरी के नेतृत्व में झामुमो, कांग्रेस, भाजपा, आजसू, झाविमो समेत सभी दलों के कार्यकर्ता व आम नागरिक मौजूद रहे। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन खुद पार्थिव शरीर वाले वाहन पर बैठे हुए थे, और उनके पीछे-आगे सैकड़ों गाड़ियां – जैसे पूरी झारखंड सड़क पर उतर आई हो।

संसद में भी दी गई श्रद्धांजलि.

लोकसभा की कार्यवाही शुरू होने से पहले स्पीकर ओम बिरला ने शिबू सोरेन को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा –

“वे सामाजिक न्याय और जनजातीय कल्याण के लिए हमेशा याद किए जाएंगे।”
शिबू सोरेन आठ बार लोकसभा सांसद रहे और केंद्र में मंत्री व राज्य में मुख्यमंत्री भी।

नेमरा तक 8 किलोमीटर पैदल यात्रा.

अपने प्रिय नेता को अंतिम विदाई देने के लिए हजारों लोग 8 किलोमीटर पैदल चलकर नेमरा गांव जा रहे हैं।
शिबू सोरेन की अंतिम यात्रा एक जनांदोलन जैसी दिख रही है – जो यह बताती है कि उन्होंने केवल राजनीति नहीं की, बल्कि लोगों के दिलों पर राज किया

चर्च ने भी दी श्रद्धांजलि.

जीईएल चर्च ऑफिस, रांची में बिशप सीमांत तिर्की समेत चर्च के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने दिशोम गुरु को श्रद्धांजलि दी। यह उनके सामाजिक समरसता और धर्मनिरपेक्ष दृष्टिकोण को दर्शाता है

संघर्षों की कहानी:

हेमंत सोरेन ने कहा:

“बचपन में मैं जब उनसे पूछता – ‘बाबा, आपको लोग दिशोम गुरु क्यों कहते हैं?’
वे मुस्कुरा कर कहते – ‘क्योंकि बेटा, मैंने सिर्फ उनका दुख समझा और उनकी लड़ाई अपनी बना ली।'”

शिबू सोरेन ने गरीबी, जमींदारी शोषण और आदिवासी उत्पीड़न के खिलाफ जीवन भर संघर्ष किया। उन्होंने आदिवासी समाज को न केवल पहचान दिलाई, बल्कि आवाज भी दी।

भारत रत्न की मांग.

मंत्री इरफान अंसारी ने कहा –

“मैं राष्ट्रपति से अपील करता हूं कि गुरुजी को भारत रत्न से सम्मानित किया जाए। उन्होंने गरीबों की लड़ाई लड़ी, वह वास्तव में इसके हकदार हैं।”

अंतिम सलाम.

झारखंड की आत्मा, आदिवासी अस्मिता की आवाज, और आंदोलन की जीवित किताब शिबू सोरेन अब इतिहास का हिस्सा बन चुके हैं। लेकिन उनके विचार, उनके संघर्ष और उनकी छाया आने वाली पीढ़ियों को रास्ता दिखाती रहेगी।

गुरुजी अमर रहें। दिशोम गुरु अमर रहें।

The News Post4u

Perwez Alam is one of the founder of The News Post4U, he brings over 4 decades of Journalism of experience, having worked with Zee News, Sadhna News, News 11, Bureau cheif of Dainik Jargarn, Govt. Accredited Crosspondent of Hindustan daily, Jansatta ect, He loves doing human intrest, political and crime related stories. Contact : 9431395522

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