द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.
गिरिडीह। सर जेसी बॉस बालिका उच्च विद्यालय के प्रांगण में रविवार से पतंजलि योगपीठ हरिद्वार के तत्वावधान तथा भारत स्वाभिमान न्यास (पतंजलि परिवार) गिरिडीह की ओर से सह-योग शिक्षक प्रशिक्षण का शुभारंभ हुआ।यह प्रशिक्षण कार्यक्रम योग ऋषि स्वामी रामदेव जी महाराज की पहल पर आयोजित किया जा रहा है।
21 दिनों तक चलेगा प्रशिक्षण
यह विशेष प्रशिक्षण 100 घंटे का होगा, जो 21 दिनों तक चलेगा। इसमें प्रतिभागियों को योगासन, प्राणायाम और ध्यान की विधियों के साथ-साथ आयुर्वेद, स्वदेशी चिकित्सा पद्धति, भारतीय धर्म-दर्शन और भारतीय संस्कारों की गहराई से जानकारी दी जाएगी। प्रशिक्षण का संचालन पतंजलि योगपीठ हरिद्वार के अनुभवी योग आचार्य करेंगे। साथ ही, राज्य स्तरीय प्रशिक्षक भी ऑनलाइन और प्रत्यक्ष रूप से सत्र देंगे।
प्रमाण पत्र और भविष्य की संभावनाएँ
प्रशिक्षण पूरा करने वाले प्रतिभागियों को “सह-योग शिक्षक” का प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा। यह प्रमाण पत्र उन्हें योगा सर्टिफिकेशन बोर्ड (YCB) द्वारा आयोजित लेवल 1, 2 और 3 की परीक्षा में सहायक सिद्ध होगा।
भारत सरकार द्वारा योग को खेल का दर्जा दिए जाने के बाद योग प्रशिक्षकों और योगाभ्यासियों के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई संभावनाओं के द्वार खुल गए हैं। इस प्रशिक्षण से तैयार होने वाले प्रतिभागी भविष्य में राज्य से लेकर एशियाई और ओलंपिक खेलों तक में हिस्सा लेने की क्षमता विकसित कर सकेंगे।
मुख्य संचालन और सहयोग
इस कार्यक्रम का मुख्य संचालन भारत स्वाभिमान न्यास गिरिडीह के जिला प्रभारी नवीन कांत सिंह कर रहे हैं। कार्यक्रम में संगठन मंत्री देवेंद्र सिंह, उत्कर्ष गुप्ता, पुष्पा शक्ति, अविनाश प्रसाद, प्रभात खेतान, पिंकी खेतान सहित कई सदस्य सक्रिय सहयोग कर रहे हैं।
उत्साह से जुड़ रहा पतंजलि परिवार
प्रशिक्षण के उद्घाटन अवसर पर पतंजलि परिवार की बड़ी संख्या मौजूद रही। इसमें शिवानी कुमारी, अनीता गंगा, सरिता प्रसाद, प्रेमलता अग्रवाल, प्रेमा केडिया, राजेंद्र तर्व, सुनीता बरनवाल, ममता कांधेवे, गीता साहू, गीता बर्नवाल, अनुपमा, सोनी, मुन्नी, मनिता, पूनम, सुरेश प्रसाद, सतीश जी समेत कई गणमान्य लोग शामिल हुए।
आयोजकों का मानना है कि यह प्रशिक्षण न केवल प्रतिभागियों को योग और स्वास्थ्य के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाएगा, बल्कि समाज में स्वास्थ्य जागरूकता फैलाने की दिशा में भी एक अहम कदम साबित होगा।







