–इनरव्हील क्लब ऑफ गिरिडीह सनशाइन की प्रेरक पहल.
द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.
गिरिडीह की सामाजिक चेतना और मानवीय संवेदनाओं को एक नया आयाम देने का कार्य किया है इनरव्हील क्लब ऑफ गिरिडीह सनशाइन ने।
महिलाओं और बच्चों के सशक्तिकरण को समर्पित दो अनूठी पहलों के माध्यम से क्लब ने यह साबित किया कि यदि नीयत नेक हो, तो बदलाव सिर्फ संभव नहीं—अपरिहार्य हो जाता है। “संरक्षण सेंटर” में हुनर और आत्मनिर्भरता की मिसाल.
चन्दनडीह स्थित संरक्षण सेंटर में क्लब द्वारा आयोजित विशेष कार्यक्रम में बच्चों और महिलाओं के चेहरों पर खुशियों की चमक साफ झलक रही थी।
जहाँ “हुनर” के बच्चों को रोज़ शिक्षा दी जाती है, वहीं इस अवसर पर क्लब की महिलाओं ने बच्चों को मिठाइयाँ और ड्रॉइंग से संबंधित सामग्री भेंट की। रंग-बिरंगी पेंसिल और मुस्कुराते चेहरे—पूरा वातावरण मानो खुशियों की रंगोली बन गया।
इसके बाद क्लब ने सेंटर में कार्यरत महिलाओं को नैपकिन बनाने हेतु कपड़े और सिलाई की आवश्यक सामग्रियाँ प्रदान कीं। इसका उद्देश्य था—महिलाओं को स्वावलंबन की दिशा में आगे बढ़ाना, ताकि वे अपने हुनर से उपयोगी वस्तुएँ तैयार कर आत्मनिर्भर बन सकें।
कार्यक्रम में PDC पूनम सहाय, चार्टर प्रेजिडेंट रंजना बगेरिया, प्रेसिडेंट कविता राजगड़िया, और सदस्या तनुजा भूषण की उपस्थिति ने आयोजन को विशेष बना दिया।सभी ने एक स्वर में कहा—“समाज का सच्चा विकास तभी संभव है जब महिलाएँ और बच्चे, दोनों शिक्षित और आत्मनिर्भर बनें।”
सर्वाइकल कैंसर से सुरक्षा की दिशा में कदम.
सामाजिक जिम्मेदारी का एक और सुंदर उदाहरण देखने को मिला नवजीवन नर्सिंग होम में, जहाँ क्लब ने नवजीवन नर्सिंग होम और गिरिडीह रोटरी कपल के सहयोग से सर्वाइकल कैंसर से सुरक्षा हेतु वैक्सीनेशन कार्यक्रम आयोजित किया।
इस पहल के तहत 9 बच्चियों को वैक्सीन का दूसरा डोज़ और 5 बच्चियों को पहला डोज़ लगाया गया।
यह सिर्फ एक वैक्सीनेशन कार्यक्रम नहीं था, बल्कि एक जागरूकता अभियान था — महिलाओं के स्वास्थ्य, सुरक्षा और गरिमा को प्राथमिकता देने का संकल्प।
इस अवसर पर क्लब की प्रेसिडेंट कविता राजगड़िया, IPP सोनाली टरवे, सेक्रेटरी स्मृति आनंद, चार्टर प्रेजिडेंट रंजना बगेरिया, शशि केडिया, सुनीता बर्नवाल सहित कई अन्य महिलाएँ उपस्थित रहीं।
सभी ने बच्चियों को शुभकामनाएँ दीं और उनके स्वस्थ एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
एक संदेश, अनेक प्रेरणाएँ.
इनरव्हील क्लब ऑफ गिरिडीह सनशाइन की ये दोनों पहल केवल सामाजिक कार्य नहीं हैं, बल्कि यह मानवता की नई परिभाषा हैं।
जहाँ एक ओर यह अभियान महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास है, वहीं दूसरी ओर यह बालिकाओं के स्वास्थ्य और सुरक्षा की दिशा में एक सशक्त कदम है।
क्लब की इन गतिविधियों ने साबित किया है कि जब समाज की महिलाएँ जागरूक और संगठित होती हैं, तो बदलाव की गूंज हर घर तक पहुँचती है।







