By : चंदन पांडेय
Edited By : परवेज़ आलम
गिरिडीह : उत्सव उपवन रिसॉर्ट गिरिडीह में रोटरी गिरिडीह का 68वां पदस्थापना समारोह आयोजित हुआ। इस अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि रोटरी डिस्ट्रिक्ट 3250 की गवर्नर रोटेरियन नम्रता उपस्थित रहीं, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में रोटरी असिस्टेंट गवर्नर डॉ. मोहम्मद आजाद समारोह में शामिल हुए।
कार्यक्रम की शुरुआत छोटे बच्चों द्वारा प्रस्तुत सुंदर गणेश वंदना से हुई, जिसके बाद अतिथियों ने दीप प्रज्वलन कर समारोह का औपचारिक शुभारंभ किया। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत की गई।
इस मौके पर निवर्तमान अध्यक्ष रवि चूड़ीवाला के नेतृत्व में 2024-25 रोटरी सत्र के दौरान क्लब द्वारा किए गए विभिन्न सामाजिक और सेवा कार्यों का ब्यौरा सचिव मयंक राजगढ़िया ने प्रस्तुत किया। पिछले वर्ष उत्कृष्ट योगदान देने वाले सदस्यों को मोमेंटो देकर सम्मानित भी किया गया।
इसके बाद रोटरी गिरिडीह के नव निर्वाचित अध्यक्ष पियूष मुसद्दी और सचिव रोहित जैन को मुख्य अतिथि द्वारा पदभार ग्रहण कराया गया। अध्यक्ष पियूष मुसद्दी ने अपनी नई कार्यकारिणी टीम की घोषणा की और मंच पर बुलाकर परिचय कराया। उन्होंने आगामी वर्ष के लिए क्लब की योजनाओं और सेवा कार्यों की रूपरेखा भी प्रस्तुत की।
समारोह के दौरान रोटरी परिवार में तीन नए सदस्यों का स्वागत भी किया गया। मुख्य अतिथि नम्रता ने उन्हें रोटरी लेपल पिन पहनाकर सदस्यता प्रदान की।
मुख्य अतिथि नम्रता ने अपने संबोधन में रोटरी गिरिडीह की सराहना करते हुए कहा कि क्लब समाज सेवा के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय है और रोटरी के मूल उद्देश्यों को प्रभावशाली ढंग से आगे बढ़ा रहा है। उन्होंने रोटरी की अंतरराष्ट्रीय गतिविधियों और भविष्य की दिशा पर भी विस्तार से चर्चा की।
समारोह का संचालन और धन्यवाद ज्ञापन प्रमोद अग्रवाल ने किया। कार्यक्रम में पूर्व रोटरी डिस्ट्रिक्ट गवर्नर शिव प्रकाश बगड़िया, गिरिडीह के प्रमुख उद्योगपति सुरेश जालान, राजेंद्र बगड़िया, विजय सिंह, लक्खी गौरीसरिया, मनीष तर्वे, आशीष तर्वे, अभिषेक जैन, संतोष गोयनका, विकास बगड़िया, शरद रुंगटा, अधिवक्ता प्रकाश सहाय, पूनम सहाय, डॉ. शशि भूषण चौधरी, डॉ. विकास लाल, डॉ. विनय गुप्ता, रंजना बगड़िया, भूपेंद्र सिंह समेत शहर की कई सामाजिक संस्थाओं से जुड़े प्रतिष्ठित जन मौजूद रहे।
समारोह समाज सेवा और संगठनात्मक जिम्मेदारियों के एक नए अध्याय की शुरुआत के रूप में यादगार बन गया।







